नई दिल्‍ली:  दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के धरने का गुरुवार (14 जून) को चौथा दिन है. वह अपने 3 वरिष्‍ठ कैबिनेट सहयोगियों के साथ लेफ्टिनेंट गवर्नर (LG) अनिल बैजल के राजनिवास के दफ्तर से सटे छोटे से कमरे में धरने पर बैठे हैं. इस दौरान सबसे बड़ी दिक्‍कत टॉयलेट को लेकर आ रही है क्‍योंकि कमरे के साथ एक ही वाशरूम है, जिसे वे बारी-बारी से ही इस्‍तेमाल कर पाते हैं.  आम आदमी पार्टी के कुछ नेताओं का कहना है कि केजरीवाल व उनके सहयोगी 3 दिन से नहाए भी नहीं हैं. हालांकि उन्‍हें टूथब्रश भिजवाए गए हैं. लेकिन वाशरूम (बाथरूम) की दिक्‍कत है.

इस दौरान केजरीवाल सरकारी कामकाज भी निपटा रहे हैं. उन्‍हें रात सोफे पर बितानी पड़ रही है. स्‍टाफ के नाम पर चुनिंदा लोग ही उनसे राज निवास के अंदर मिलने जा सकते हैं. बाकी राज निवास के बाहर भोजन, जरूरी फाइलें आदि लिए इंतजार कर रहे हैं. बुधवार को कुछ लोग गद्दा लेकर भी इंतजार करते देखे गए.

केजरीवाल ने मांगें न मानने पर धरना शुरू किया
केजरीवाल तय कार्यक्रम के अनुसार सोमवार शाम जब अपने 3 सहयोगियों के साथ एलजी के घर पहुंचे थे तो यह आशंका थी कि वहां टकराव की स्थिति बनेगी. केजरीवाल ने एलजी के मांगें न मानने पर वहीं धरना शुरू कर दिया. केजरीवाल एलजी दफ्तर से सटे छोटे आगंतुक कक्ष में जाकर बैठ गए और अब तक वहीं पर जमे हुए हैं.  केजरीवाल के एक करीबी के हवाले से कहा कि केजरीवाल ब्‍यूरोक्रेसी की दिल्‍ली सरकार के खिलाफ 4 माह से चल रही आंशिक हड़ताल के मुद्दे पर बात करने के लिए एलजी के पास गए थे. इसे लेकर उनकी कुछ न कुछ रणनीति थी लेकिन ऐसा होगा इसका अंदाजा नहीं था.