जम्मू. कठुआ गैंगरेप मामले में मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस को लेटर लिखा है। इसमें उन्होंने इस केस की सुनवाई के लिए स्पेशल फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने की गुजारिश की है। यह कोर्ट मामले की 90 दिन में सुनवाई पूरी करेगा। राज्य में यह अपनी तरह का पहला कोर्ट होगा। इसके साथ ही राज्य सरकार ने इस केस में आरोपी पुलिस वालों को नौकरी से बर्खास्त करने का भी फैसला किया है। उधर, इस मामले में इस्तीफा देने वाले भाजपा के मंत्री लाल सिंह ने अपना बचाव किया है। उन्होंने कहा है कि वे आरोपियों के समर्थन में निकाली गई रैली में हालात काबू करने पहुंचे थे।
भाजपा के नेता चौधरी लाल सिंह ने कठुआ गैंगरेप और हत्या के आरोपियों के समर्थन में निकाली गई रैली में अपनी मौजूदगी का बचाव किया है। उन्होंने आज कहा कि वे रैली में इसलिए मौजूद थे, ताकि हालात काबू कर सबकुछ सामान्य किया जा सके।

- बता दें कि इस घटना के बाद बढ़ते दबाव की वजह से कल लाल सिंह और चंदर प्रकाश गंगा ने कश्मीर की गठबंधन सरकार के मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था।
क्या है मामला?
- कठुआ जिले के रासना गांव में अल्पसंख्यक बकरवाल समुदाय की 8 साल की बच्ची से जनवरी में बंधक बनाकर कई दिनों तक गैंगरेप किया गया। बाद में उसकी बेरहमी से हत्या कर दी।
- गांव में स्थित एक मंदिर के 60 साल का सेवादार सांझी राम समेत 8 लोग आरोपी हैं। सभी को गिरफ्तार किया जा चुका है। 
- 10 अप्रैल को इस मामले में चार्जशीट दाखिल की गई। तब वकीलों ने पुलिस को चार्जशीट दाखिल करने से रोका। इसके बाद ही इस मामले ने तूल पकड़ा।