बेंगलुरु : चुनावी नतीजे आने के बाद कर्नाटक में भावी सरकार को लेकर संशय और गहरा गया है, अब सभी की निगाहें राज्यपाल वजुभाई वाला पर टिक गई हैं, उन्हें फैसला करना है कि वह सरकार बनाने के लिए सबसे बड़ी पार्टी के तौर पर उभरी बीजेपी को आमंत्रित करें या कांग्रेस-जद (एस) गठबंधन को, उधर, पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा ने देर शाम कांग्रेस के नेताओं से मुलाकात की,

उधर, बीजेपी ने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और धर्मेंद्र प्रधान को कर्नाटक का पर्यवेक्षक बनाकर कर्नाटक भेजा है, कल बुधवार को सुबह 10,30 बजे बीजेपी विधायक दल की बैठक होगी, येदियुरप्पा ने कहा कि इस बैठक में उनको विधायक दल का नेता चुना जाएगा, इसके बाद सभी विधायक राज्यपाल से मुलाकात करेंगे और बीजेपी को सरकार बनाने का न्योता देने की मांग करेंगे, उन्होंने कहा कि अब फैसला राज्यपाल को लेना है,

बीजेपी बहुमत के आंकडे का गणित बैठाने में लग गई है तो जेडीएस और कांग्रेस में भी हलचल मची हुई है, बेंगलुरु के अशोका होटल में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ठहरे हुए हैं, कांग्रेस ने मुलाकात करने के लिए जेडीएस प्रमुख तथा पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा देर शाम होटल गए, देवगौड़ा के साथ उनके बेटे एचडी कुमारस्वामी भी इस मीटिंग में शामिल हुए, कांग्रेस की तरफ से सिद्धारमैया, गुलाम नबी आजाद, डीके शिवकुमार और मल्लिकार्जुन खड़गे भी शामिल थे, 

राज्य की 224 में से 222 विधानसभा सीटों पर 12 मई को मतदान हुआ था, राज राजेश्वरी नगर सीट पर फर्जी वोटर कार्ड मिलने के कारण चुनाव टाल दिया गया जबकि, जयनगर सीट पर बीजेपी प्रत्याशी के निधन के कारण चुनाव स्थगित किया गया, देर शाम तक मिले नतीजों के मुताबिक, बीजेपी ने 104 सीटों पर जीत दर्ज की है, जबकि कांग्रेस ने 78 और जेडीएस गठबंधन ने 38 सीटों पर जीत हासिल की, नतीजे लगभग साफ हो जाने के बाद कांग्रेस ने जेडीएस को समर्थन देने की घोषणा कर दी थी, कांग्रेस से समर्थन मिलने के बाद जेडीएस के एचडी कुमारस्वामी और बीजेपी के बीएस येदियुरप्पा कोई भी समय गंवाये बिना राज्यपाल वजुभाई वाला से मिले और सरकार बनाने का दावा पेश किया, 

बीजेपी के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार बीएस येदियुरप्पा ने राज्यपाल वजुभाई वाला से मुलाकात कर सरकार बनाने का दावा पेश किया, उन्होंने कांग्रेस और जेडीएस के सरकार गठन के दावे को पिछले दरवाजे से सत्ता में आने की कोशिश करार दिया,

राज्यपाल से मुलाकात के बाद केंद्रीय मंत्री अनंत कुमार के साथ येदियुरप्पा ने मीडिया से कहा, ‘भाजपा सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी है, हमने राज्यपाल से हमें राज्य विधानसभा में बहुमत साबित करने का अवसर देने का आग्रह किया है,’ येदियुरप्पा के राज्यपाल से मुलाकात करने के थोड़ी देर बाद ही कांग्रेस और जेडीएस के नेताओं ने भी यहां राज्यपाल से मुलाकात की और सरकार बनाने का दावा पेश किया, 

निर्वतमान मुख्यमंत्री सिद्धरमैया, वरिष्ठ कांग्रेसी नेता गुलाम नबी आजाद और मल्लिकार्जुन खड़गे ने जेडीएस के प्रदेश प्रमुख एचडी कुमारस्वामी समेत दोनों पार्टियों के नेताओं ने राज्यपाल से मुलाकात की और सरकार गठन के लिए मौका दिए जाने का अनुरोध किया, 

कर्नाटक चुनाव के नतीजे शुरूआत से ही काफी उतार-चढ़ाव वाले रहे, एक समय ऐसा लगा कि भाजपा स्पष्ट बहुमत हासिल करके राज्य में पांच साल के बाद फिर से सत्ता में लौटेगी, लेकिन जैसे-जैसे समय बीतता गया यह स्पष्ट हो गया कि पार्टी सरकार बनाने के लिये बहुमत के आंकड़े से कुछ सीटों से पीछे रह जाएगी, राज्य में सरकार गठन के लिये 112 विधायकों के समर्थन की जरूरत होगी, 

इस बीच, निवर्तमान मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने जेडीएस को समर्थन का ऐलान करके भाजपा की जीत के रंग में भंग डालने की कोशिश की, सिद्धरमैया ने राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंप दिया, उन्होंने कहा, ‘लोकतंत्र में हमें जनादेश को स्वीकार करना होगा, हमने इसे स्वीकार किया है, हमने जेडीएस को समर्थन देने का फैसला किया है, यह सर्वसम्मति से लिया गया फैसला है,’ 

चुनाव आयोग के अनुसार कांग्रेस को 37,9 फीसदी मत मिले हैं, जबकि भाजपा को 36,2 फीसदी मत प्राप्त हुए हैं, पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा की जनता दल (एस) को 18,4 फीसी वोट मिले, देवगौड़ा के पुत्र एचडी कुमारस्वामी पार्टी के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार हैं, कांग्रेस के समर्थन का ऐलान करने के तुरंत बाद कुमारस्वामी ने राज्यपाल को पत्र लिखकर सूचित किया कि उन्होंने मुख्यमंत्री बनने की पेशकश स्वीकार कर ली है,