नई दिल्ली, कर्नाटक में अब जेडीएस और कांग्रेस के बीच सरकार में साझेदारी को लेकर टकराव की बातें सामने आ रही हैं। कुमारस्वामी ने सरकार में 30-30 महीने के बंटवारे का फॉर्मूला खारिज कर दिया है। वहीं, कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खडगे ने कहा है कि सभी मूल्यों को ध्यान में रखते हुए हमें सत्ता में हिस्सेदारी मिलनी चाहिए। अब मंत्रिमंडल में बंटवारे को लेकर कुमारस्वामी आज दिल्ली में सोनिया और राहुल गांधी से मुलाकात करने वाले हैं। बता दें कि बुधवार को राज्य में शपथग्रहण होना है।

कुमारस्वामी ने कहा- सत्ता बंटवारे की कोई बात नहीं हुई
- न्यूज एजेंसी के मुताबिक, जेडीएस-कांग्रेस सत्ता में 30-30 महीने की साझेदारी करने की खबरें हैं। कुमारस्वामी से इसी पर सवाल किया गया था। इस पर उन्होंने कहा कि ऐसी कोई बात नहीं हुई है। मैं कल (सोमवार को) राहुल और सोनिया गांधी से मिलने दिल्ली जा रहा हूं। यहीं केबिनेट विस्तार पर उनके साथ चर्चा होगी। ये सरकार अगले पांच साल तक चले, इसके लिए मैं उनके साथ सभी मुद्दों पर चर्चा करूंगा। शपथ लेने के 24 घंटे के अंदर हम बहुमत साबित कर देंगे।

खड़गे ने कहा- सरकार बनाने का फैसला हम करेंगे

- उधर, मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि सरकार बनाने पर फैसला हमारा हाइकमान करेगा। हम एक राष्ट्रीय पार्टी हैं। जेडीएस को हमने समर्थन दिया है, जो एक क्षेत्रीय पार्टी है। सभी मूल्यों के साथ हमें ये ध्यान रखना होगा कि हमने समर्थन दिया है तो हमें सत्ता में हिस्सा मिले।

राहुल-सोनिया से मिलकर तय होगा कितने मंत्री बनेंगे

- कुमारस्वामी ने बताया कि मंत्रियों के विभागों के बंटवारे पर अभी कोई चर्चा नहीं हुई है। वह सोमवार को दिल्ली में सोनिया और राहुल गांधी से मिलेंगे। इस बातचीत में ही तय होगी कि कांग्रेस-जेडीएस के कितने-कितने विधायक मंत्री बनेंगे।

- बता दें कि शनिवार रात कांग्रेस-जेडीएस के बीच हुई बैठक में सत्ता के बंटवारे पर चर्चा हुई थी।

दो उपमुख्यमंत्री बनाए जा सकते हैं

- कयास लग रहे हैं कि कर्नाटक में दो उपमुख्यमंत्री होंगे। कर्नाटक कांग्रेस के अध्यक्ष जी परमेश्वर ने इस बात की ओर इशारा किया है।

- माना जा रहा है कि कांग्रेस परमेश्वर को उपमुख्यमंत्री बनाएगी। जेडीएस ने भी दो उपमुख्यमंत्री होने की बात से इनकार नहीं किया है।

- कुमारस्वामी की सोनिया-राहुल से इस मुद्दे पर भी चर्चा की उम्मीद है।

येदियुरप्पा के इस्तीफे के बाद कुमारस्वामी को मिला सरकार बनाने का मौका

- कर्नाटक में भाजपा को 104, कांग्रेस 78 और जेडीएस गठबंधन को 38 सीटें मिली हैं। चुनाव परिणामों के बाद कांग्रेस और जेडीएस ने मिलकर सरकार बनाने का दावा किया है।

- इससे पहले राज्यपाल ने सबसे बड़ी पार्टी होने के आधार पर भाजपा को सरकार बनाने का न्योता दिया था। येदियुरप्पा ने मुख्यमंत्री पद की शपथ भी ले ली थी। लेकिन उन्होंने शनिवार को विधानसभा में विश्वास प्रस्ताव का सामना किए बिना ही पद से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद राज्यपाल वजुभाई वाला ने कुमारस्वामी को सरकार बनाने का निमंत्रण दिया था।

पहले भी ऐसा कर चुके कुमारस्वामी
- कुमारस्वामी ने सरकार में साझेदारी के फॉर्मूला पर जनवरी 2006 में 20-20 महीने के लिए भाजपा के साथ सरकार बनाई थी। हालांकि, बाद में उन्होंने भाजपा को सत्ता का नेतृत्व सौंपने से इनकार कर दिया था। लिहाजा, सरकार गिर गई थी। इसके बाद 2008 में हुए चुनावों में भाजपा को बहुमत मिला और येद्दयुरप्पा मुख्यमंत्री बने थे।