नई दिल्ली: भारत के इतिहास और भौगोलिक स्थिति को बदलने वाला रहा है तीन जून का दिन. इसी दिन, वर्ष 1947 में ब्रिटिश राज में भारत के अंतिम वायसरॉय लॉर्ड माउंटबेटन ने देश के बंटवारे का ऐलान किया था. इसके अलावा, आज के दिन ही वर्ष 1984 में पंजाब के अमृतसर में स्थित सिखों के पवित्र स्थल स्वर्ण मंदिर को खालिस्तान समर्थक जनरैल सिंह भिंडरावाले और उसके समर्थकों से मुक्त कराने के लिए ऑपरेशन ‘ब्लूस्टार’ शुरू हुआ था. पंजाब में भिंडरावाले के नेतृत्व में अलगाववादी ताकतें सशक्त हो रही थीं.

भारत के बंटवारे की इस घटना को ‘तीन जून योजना’ या ‘माउंटबेटन योजना’ के तौर पर जाना जाता है.  देश में दंगे हो रहे थे और केंद्र में कांग्रेस की अंतरिम सरकार हालात को काबू में नहीं कर पा रही थी, क्योंकि कानून एवं व्यवस्था का मामला प्रांतों के पास था. लिहाजा, राजनीतिक और सांप्रदायिक गतिरोध को खत्म करने के लिए ‘तीन जून योजना’ आई जिसमें भारत के विभाजन और भारत तथा पाकिस्तान को सत्ता के हस्तांतरण का विवरण था. तीन जून की अन्य प्रमुख घटनाओं का सिलसिलेवार ब्यौरा इस प्रकार है:- 

1867: भारत के प्रसिद्ध शिक्षाविद, राजनेता, समाज सुधारक, न्यायविद और लेखक हरविलास शारदा का जन्म. 

1915 : ब्रिटिश सरकार ने रविंद्रनाथ टैगोर को नाइटहुड की उपाधि से नवाजा. 

1918: महात्मा गांधी की अध्यक्षता में इन्दौर में ‘हिन्दी साहित्य सम्मेलन’ आयोजित हुआ और उसी में पारित एक प्रस्ताव के आधार पर हिन्दी राजभाषा मानी गयी. 

1924: तमिलनाडु के पांच बार मुख्यमंत्री रहे एम करुणानिधि का जन्म. 

1930: भारत में ऐतिहासिक रेल हड़ताल कराने वाले और पूर्व रक्षा मंत्री जॉर्ज फर्नांडिस का जन्म. 

1943: संयुक्त राष्ट्र संघ ने राहत और पुनर्वास प्रशासन की स्थापना की.  

1947: ब्रिटिश राज में भारत के आखिरी वायसरॉय लॉर्ड माउंटबेटन ने भारत के बंटवारे का ऐलान किया. 

1959: सिंगापुर को सेल्फ गवर्निंग स्टेट घोषित किया गया. 

1962: भारतीय अभिनेत्री सारिका ठाकुर का जन्म. 

1974: बिहार के मुख्यमंत्री एवं स्वतंत्रता सेनानी कृष्ण बल्लभ सहाय का निधन. 

1984: पंजाब के अमृतसर स्थित सिखों के सबसे पवित्र स्थल स्वर्ण मंदिर में सैन्य अभियान ‘ऑपरेशन ब्लूस्टार’ शुरू किया गया. 

1985 : भारत सरकार ने पांच दिन का कार्य दिवस सप्ताह शुरू किया. 

1999: हावरक्राफ़्ट विमानों के अविष्कारक क्रिसटोफ़र काकरैल का निधन. 

2005: फ्रांस ने सुरक्षा परिषद में भारत की दावेदारी का समर्थन दोहराया. 

2014: पूर्व केंद्रीय मंत्री गोपीनाथ मुंडे का सड़क हादसे में निधन.