शहर के मानसरोवर इलाके में गोपालपुरा बाईपास पर 9 दिसंबर 2020 को पत्रकार अभिषेक सोनी हत्याकांड में फरार आरोपी को पुलिस ने आज गिरफ्तार कर लिया। वारदात के बाद गिरफ्तारी के डर से आरोपी जयपुर छोड़कर भाग निकला था। इसके बाद एक ट्रक पर खलासी बनकर काम कर रहा था। इस दौरान वह महाराष्ट्र व गुजरात भी रहा। करीब एक महीने बाद वह छिपते हुए जयपुर जिले के फागी इलाके में अपने गांव पहुंचा। जहां मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर मानसरोवर पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।

जयपुर कमिश्नरेट में डीसीपी (साउथ) हरेंद्र महावर ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी कानाराम चौधरी (22) गांव चोरु, थाना फागी जयपुर जिले का रहने वाला है। प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया कि वारदात में शामिल नामजद आरोपी शंकर चौधरी को 17 दिसंबर को गिरफ्तार किया था। इससे कानाराम घबरा गया। वह गांव से भागकर अजमेर रोड पहुंचा। वहां हाइवे से गुजर रहे एक ट्रक चालक के संपर्क में आया। उसे बताया कि मैं गरीब परिवार से हूं। घर वालों ने घर से निकाल दिया है। इसलिए काम की तलाश में घूम रहा हूं।

ट्रक चालक ने सहानुभूति दिखाते हुए खलासी का काम सौंप दिया

जानकारी के अनुसार ट्रक चालक ने सहानुभूति दिखाते हुए कानाराम को ट्रक में खलासी रख लिया। तब से कानाराम ट्रक में खलासी का काम कर रहा था। वह राजस्थान से बाहर ही रहा। घटना को करीब 1 महीने से ज्यादा वक्त गुजरने पर कानाराम को लगा कि अब वह परिवार से मिलने जा सकता है। इसलिए वह जयपुर में परिवार से मिलने के लिए चोरी छिपे अपने घर पहुंचा। तब मानसरोवर थानाप्रभारी दिलीप सोनी के निर्देशन में स्पेशल टीम के हेडकांस्टेबल हरिओम सिंह चौधरी, कांस्टेबल श्रीनारायण, नेमीचंद, राजू व चंद्रपाल की टीम ने मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर कानाराम के घर में दबिश दी। उसे आज गिरफ्तार कर लिया।

यह था मामला

जयपुर में पत्रकार अभिषेक सोनी व उसकी परिचित आरती गोपालपुरा बाइपास पर 9 दिसंबर की रात को एक ढाबे पर खाना खाने गया था। वहां मौजूद बाइक सवार तीनों आरोपियों ने ढाबे पर सामान खरीदने रुके। तब उन्होंने अभिषेक के साथ मौजूद लड़की को गलत नजरों से देखा तो अभिषेक की तीनों लड़कों से कहासुनी हो गई। इस पर तीनों युवक बाइक लेकर वहां से चले गए। कुछ देर बाद वे वापस आए और अभिषेक सोनी पर हमला कर दिया।

जिसमें अभिषेक के सिर पर गंभीर चोटें आई। उपचार के दौरान उसकी अस्पताल में मौत हो गई। तब मानसरोवर पुलिस ने हत्या का केस दर्ज कर पड़ताल शुरु की। सीसीटीवी फुटेज से तीन आरोपियों को नामजद किया। पहली गिरफ्तारी 17 दिसंबर को की। फिर एक बालअपचारी को निरुद्ध किया।