जोधपुर. राजस्थान के बीकानेर जिले के कोलायत क्षेत्र में स्थित फायरिंग रेंज में जमीन घोटाले और मनी लॉन्ड्रिंग (Land scam and money laundering Case) से जुड़े मामले में रॉबर्ट वाड्रा (Robert Vadra) से जुड़ी कंपनी स्काईलाइट प्राइवेट हॉस्पिटेलिटी तथा बिचौलिये महेश नागर की ओर से पेश की गई याचिका पर बुधवार को राजस्थान उच्च न्यायालय में अहम सुनवाई होगी. सुनवाई न्यायाधीश मनोज कुमार गर्ग की कोर्ट में होगी.

जमीन घोटाले और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामले को लेकर बिचौलिये महेश नागर तथा स्काईलाइट हॉस्पिटेलिटी की ओर से राजस्थान उच्च न्यायालय में विविध आपराधिक याचिका 482 पेश की गई थी. इस पर सुनवाई करते हुए पूर्व में हाईकोर्ट ने मामले में आरोपियों को आंशिक राहत प्रदान करते हुए नो कोर्सिव एक्शन यानी की गिरफ्तारी पर रोक के आदेश दी थी. इस याचिका में ईडी की ओर से एएसजी राजदीपक रस्तोगी ने पूर्व में एक अर्जी कोर्ट के समक्ष पेश कर आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ करने की अनुमति मांगी थी.

270 बीघा जमीन 79 लाख रुपये में खरीदी
रॉबर्ट वाड्रा व उनकी मां मौरीन वाड्रा की कंपनी स्काईलाइट प्राइवेट हॉस्पिटेलिटी लिमिटेड ने साल 2012 में बीकानेर के कोलायत क्षेत्र में दलाल महेश नागर के जरिये 270 बीघा जमीन 79 लाख रुपये में खरीदी थी. कोलायत में भारतीय सेना की महाजन फील्ड फायरिंग रेंज के लिए यह जमीन आवंटित है. इस जमीन से विस्थापित हुए लोगों के लिए दूसरी जगह पर 1400 बीघा जमीन आवंटित की गई थी. लेकिन, इस जमीन के फर्जी कागजात तैयार करवाकर वाड्रा की कंपनी को बेच दी गई. सेना से संबंधित इस क्षेत्र की जमीन को बेचा नहीं जा सकता था.
 

वाड्रा जयपुर में ईडी के समक्ष हो चुके हैं पेश
वाड्रा की कम्पनी ने क्षेत्र के गांवों में और जमीन खरीदने का प्रयास किया, लेकिन मामला आगे बढ़ नहीं पाया. फर्जी तरीके से जमीन के बेचने का मामला उजागर होने से पूर्व ही वाड्रा की कंपनी ने इस जमीन को पांच करोड़ रुपये में बेच दिया था. मनी लांड्रिंग से जुड़े इस मामले की ईडी ने जांच शुरू की थी. ईडी की पूछताछ से बचने के लिए वाड्रा लंबे अरसे से प्रयास करते रहे. उसके बाद हाईकोर्ट ने वाड्रा व अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी पर रोक लगाते हुए वाड्रा को ईडी के समक्ष पेश होकर जांच में सहयोग करने के आदेश दिए थे. उसके बाद वाड्रा जयपुर में ईडी के समक्ष पेश भी हुए थे.