जीवन मंत्र डेस्क, आज कान्हा का जन्मदिन हैं। आज भी सभी लोग उसी उल्लास के साथ इस पर्व को मनाते है। जैसे प्राचीन काल में मनाया जाता था। आज भी कृष्ण भक्तों को वैसी ही अनुभूती होती हैं जैसे पुराने समय में होती थी। भगवान कृष्ण का नाम सुनते ही मन में आनन्द और खुशी महसूस होती हैं। साथ ही भगवान कृष्ण का मनोहारी मूरत आंखों के सामने आ जाती हैं।

भगवान कृष्ण के सिर शोभायमान मोर पंख सभी ग्रहों का प्रतिनिधि माना जाता हैं। ऐसे में अगर आप जन्माष्टमी की रात एक छोटा सा उपाय करके अपने बुरे समय को अच्छे समय में परिवर्तित कर सकते हैं। आइए जाने...

अगर आप कोई काम अटका हुआ, धन से संबंधी कोई समस्या या अन्य समस्या है तो जन्माष्टमी की रात को राधारानी के मंदिर में जाकर भगवान कृष्ण के मुकुट में पंख की स्थापना कीजिए। साथ ही उस मूर्ति की पूजा कीजिए। फिर लगभग सवा महिने बाद उस मोर पंख को अपनी तिजोरी में रखें। आप पर भगवान कृष्ण की कृपा बन जाएगी।
अगर आपको किसी शत्रु से भय है या कोई शत्रु आपको नुकसान पहुंचाने का प्रयास कर रहा हैं तो आप मोर पंख पर उसका नाम लिखकर पेड़ के नीचे दबाएं या बहते पानी में सुबह उठकर बिना किसी से बात किए प्रवाति कर दें। शत्रु आपका मित्र बन जाएगा।
अगर आप काल सर्प दोष से पीडि़त है या आपकी कुंडली में कोई अन्य दोष है तो आप जन्माष्टमी की रात तकिए के नीचे सात मोर पंख रखकर सो जाएं।
मोर के पंखों से बने पंखे को अपनी श्यनकक्ष में पश्चिमी दीवार पर लगाएं साथ ही रोज दिन में एक बार पंखें से खुद पर हवा करें। आपकी किस्मत जग जाएगी।