अमृतसर(पंजाब):अमृतसर के जलियांवाला बाग हत्या कांड को आज 100 साल पूरे हो रहे हैं। इस मौके पर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू और पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने जलियांवाला बाग स्मारक पहुंचकर शहीदों को श्रद्धांजलि दी।

शुक्रवार देर रात अमृतसर पहुंचे और उन्होंने स्वर्ण मंदिर में माथा टेका। राहुल गांधी के अमृतसर पहुंचने पर पंजाब के सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने उनका स्वागत किया और उनके साथ स्वर्ण मंदिर भी गए। शनिवार को जलियांवाला बाग के शहीदों को श्रद्धांजलि देने के लिए शताब्दी समारोह का आयोजन किया जा रहा है। इस मौके पर शहीदों की याद में सिक्का और डाक टिकट भी जारी किया जाएगा। 

हाल ही में इस घटना को लेकर ब्रिटिश सरकार ने औपचारिक तौर पर माफी मांगी थी। नरसंहार के 100 साल पूरे होने पर ब्रिटिश उच्चायुक्त सर डोमिनिक एसक्विथ अमृतसर में स्थित जलियांवाला बाग के शहीद समारक पहुंचे और वहां जाकर शहीदों को श्रद्धांजलि दी।

क्या है जलियांवाला बाग हत्याकांड
100 साल पहले 13 अप्रैल 1919 के दिन स्वर्ण मंदिर के नजदीक स्थित जलियांवाला बाग में 15-20 हजार भारतीय इकट्ठे हुए थे। सभी लोग शांति से सभा कर रहे थे। इस सभा का आयोजन पंजाब के दो लोकप्रिय नेताओं को गिरफ्तारी और रोलेट एक्ट के विरोध में किया गया था। घटना से दो दिन पहले पंजाब में कुछ ऐसा हुआ था जिससे कि ब्रिटिश सरकार काफी गुस्से में थी।

इस दौरान लगभग 100 सैनिकों के साथ डायर बाग के गेट पर पहुंचा और 10 मिनट तक बिना रुके अंधाधुंध गोलियां चलवा दीं। गोलीबारी में हजारों लोगों की जान चली गई थी। कहा जाता है कि 10 मिनट मे 1650 राउंड गोलियां चली थीं। डायर तब जाकर रुका जब उसके सैनिकों की गोलियां खत्म हो गईं। इस घटना में तकरीबन 1000 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 1500 से ज्यादा घायल हुए थे। लेकिन ब्रिटिश सरकार मरने वाले लोगों की संख्या 379 और घायल लोगों की संख्या 1200 बताती है।