जयपुर:जम्मू कश्मीर (Jammu Kashmir) के हंदवाड़ा में आतंकियों से लोहा लेते हुए शहीद (Martyr)  हुए कर्नल आशुतोष शर्मा (Colonel Ashutosh Sharma) की पार्थिव देह आज जयपुर लाई जाएगी. यहां सेना के अधिकारी और परिवार के लोग शहीद को अंतिम विदाई देंगे. कर्नल शर्मा रविवार को सुबह हंदवाड़ा में आतंकी मुठभेड़ में शहीद हो गए थे. वे 21 राष्ट्रीय राइफल में तैनात थे. कर्नल शर्मा अपने पीछे पत्नी पल्लवी शर्मा और एक पुत्री को छोड़ गए. सीएम अशोक गहलोत और डिप्टी सीएम सचिन पायलट ने कर्नल आशुतोष की शहादत को सलाम करते हुए ईश्वर से परिवार को यह दुख सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की है.

उनका पैशन हमेशा से ही देश की सुरक्षा रहा
कर्नल आशुतोष शर्मा का परिवार जयपुर के वैशाली नगर इलाके में रंगोली गार्डन में रहता है. शर्मा की शहादत की सूचना के बाद से ही परिवार में शोक की लहर है. कर्नल शर्मा आखिरी बार गत होली पर जयपुर में अपने परिवार से मिलने के लिए आए थे. शहीद कर्नल की पत्नी पल्लवी शर्मा ने बताया कि उनका पैशन हमेशा से ही देश की सुरक्षा रहा है. उन्हें बहादुरी के लिए सेना मेडल मिला है. कर्नल शर्मा के भाई ने बताया कि बचपन से ही आशुतोष का सपना सेना में जाने का रहा. इसके लिए वे शुरू से ही जुटे रहे.

मूलरूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले थे कर्नल आशुतोष

3 जुलाई 1975 में जन्मे कर्नल आशुतोष शर्मा मूलरूप से उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर के रहने वाले थे. वहां डीएवी कॉलेज से उन्होंने अपनी पढ़ाई पूरी की थी. आर्मी के जांबाज अधिकारी कर्नल आशुतोष शर्मा रविवार को सिविलियंस को बचाने के दौरान आतंकियों की गोली का निशाना बन गये थे. कर्नल शर्मा समेत पांच अधिकारी-जवान इसमें शहीद हो गए थे.

फोन पर बेटी से बोले ऑपरेशन के बाद आऊंगा घर
इस ऑपरेशन के कुछ घंटे पहले कर्नल आशुतोष ने बेटी से फोन पर बात कर कहा कि वे बस यह ऑपरेशन खत्म कर लें. उसके बाद जयपुर आकर परिवार से मिलेंगे. पापा के घर आने की बात सुन कर परिवार भी खासा खुश था लेकिन होनी को कौन टाल सकता है. पत्नी पल्लवी शर्मा ने बताया कि शनिवार रात को करीब 10 बजे उन्होंने आशुतोष को रुटिन में फोन लगाया था. लेकिन फोन नहीं लगने से वह कुछ समय के लिए घबरा गई, लेकिन भगवान का नाम लेकर सोने चली गई. बकौल पल्लवी पहली बार उनका मन बहुत घबराया जिससे उन्हें रातभर नींद नहीं आई. वह समझ चुकी थी की कोई अनहोनी हो गई है कर्नल आशुतोष शर्मा की शादी 16 साल पहली हुई थी.