जयपुर:राजस्थान की राज्यसभा (Rajya Sabha) की 3 सीटों के लिए 26 मार्च को मतदान होना तय हो गया है. नामांकन वापसी के दिन यानी बुधवार को किसी भी प्रत्याशी ने अपना नाम वापस नहीं लिया और लिहाजा अब 26 मार्च को सुबह 9 बजे से 4 बजे तक मतदान होगा. इससे पहले दिन भर भाजपा के दूसरे प्रत्याशी ओंकार सिंह लखावत (Onkar Singh Lakhawat) के नाम वापस लेने या नहीं लेने की अटकलें लगातार जारी रही. नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया ने इस बात की घोषणा की थी कि भाजपा प्रदेश में अपने दूसरे उम्मीदवार ओंकार सिंह लखावत को भी चुनाव लड़ाएगी. इसके बाद प्रदेश की राज्यसभा की 3 सीटों के लिए निर्विरोध निर्वाचन की अटकलें बुधवार को  3 बजे नाम वापस लेने का समय गुजर जाने के बाद खत्म हो गई.

विधायक रामलाल शर्मा को नियुक्त किया एजेंट
कांग्रेस की ओर से इन 3 सीटों पर 2 प्रत्याशी वोटों के गणित के आधार पर चुनावी मैदान में उतारा गया है. जिसमें केसी वेणुगोपाल और नीरज डांगी हैं. वहीं, भाजपा ने भी दो प्रत्याशी मैदान में उतारे हैं. इनमें पहले प्रत्याशी राजेन्द्र गहलोत है. दिनभर भाजपा के दूसरे प्रत्याशी ओंकार सिंह लखावत के नाम वापस लेने की अटकलें चलती रही लेकिन ओंकार सिंह लखावत विधानसभा स्थित 106 नंबर कमरे में पहुंचे और उन्होंने विधायक रामलाल शर्मा को अपना एजेंट नियुक्त किया. ओंकार सिंह लखावत ने कहा कि पार्टी से जो निर्देश है उसी के हिसाब से वह काम कर रहे हैं.

असंतोष हुआ तो वह वोट में तब्दील होगा 
इधर, नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया ने साफ कर दिया कि भाजपा के दूसरे प्रत्याशी ओंकार सिंह लखावत चुनाव लड़ेंगे. उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार के 14 महीने के कार्यकाल के असंतोष को विधायकों में देखना चाहती है. लिहाजा राज्य सभा के मतदान के जरिए भाजपा जानेगी. कटारिया ने कहा कि हमारे पास खोने को कुछ नहीं है हमारे पास एक प्रत्याशी के जीतने के लिए पर्याप्त वोट है. असल में भाजपा इस दांव के जरिए यह देखना चाह रही है कि पिछले 14 महीने के कार्यकाल में सरकार में कितना असंतोष है अगर असंतोष हुआ तो वह वोट में तब्दील होगा और जो विधायक चाहे वह कांग्रेस समर्थित हैं या कांग्रेस का है वह  भाजपा को वोट करता है तो आगे की रणनीति पर भाजपा काम करेगी.

कांग्रेस ने की थी दूसरे प्रत्याशी का नाम वापस लेने की अपील
उधर, कांग्रेस की ओर से यह प्रयास किए गए कि भाजपा अपने दूसरे प्रत्याशी का नाम वापस ले लें. जिसके लिए कांग्रेस की ओर से भाजपा से अपील भी की गई और उप मुख्य सचेतक महेंद्र चौधरी ने नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया से भी मुलाकात की. महेंद्र चौधरी ने कहा कि जिसका बहुमत होता है उसके हिसाब से कैंडिडेट राज्यसभा चुनाव में खड़े होते हैं. इस चुनाव में यह निश्चित है कि दो कांग्रेस के प्रत्याशी और एक भाजपा का कैंडिडेट जीतेगा. चौधरी ने कहा कि  कांग्रेस और कांग्रेस के समर्थित विधायकों की संख्या 125 है. ऐसे में कांग्रेस को कोई खतरा नहीं है. उन्होंने कहा कि मतदान हुआ तो भाजपा के भी वोट कम हो सकते हैं. कांग्रेस में कोई असंतुष्ट नहीं है पूरी पार्टी एकजुट है. महेंद्र चौधरी ने भाजपा के बड़े नेताओं पर लगाए आरोप और कहा कि देश के कुछ राज्यों में भाजपा विधायकों की  खरीद-फरोख्त कर रही है. लेकिन इस तरह की स्थिति राजस्थान में नहीं है.