जयपुर: बीजेपी विधायक मदन दिलावर के सांसद-विधायक कोष निधि में कमीशन खोरी के मामले से प्रदेश की सियासत गर्मा गई है. मंगलवार को विधानसभा में मुद्दा उठाने के बाद बुधवार को भी मदन दिलावर ने इस मामले को लेकर बयान दिया है. उन्होंने कहा है जिस तरीके से उन्हें 40% कमीशन का ऑफर हुआ है, उससे लगता है कि मामला बहुत गंभीर है. यह खेल बहुत बड़ा है. मदन दिलावर ने मुख्यमंत्री से पिछले 10 सालों के विधायक और सांसद निधि कोष से हुए कामों की जांच कराने की मांग की है.

विधायक सांसद निधि कोष से काम कराने के बदले कमीशन के मामले को लेकर बीजेपी विधायक मदन दिलावर ने बुधवार को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत फिर जांच की मांग की. कल विधानसभा में इस मुद्दे को उठाने के बाद विधानसभा में मीडिया से बात करते हुए मदन दिलावर ने कहा जिस तरीके से मुझे कमीशन का ऑफर हुआ लगता है,

मामला बहुत बड़ा है. इस मामले की जांच होनी चाहिए मुख्यमंत्री को इस प्रकरण की एसीबी से जांच करवानी चाहिए. दिलावर ने कहा है मुख्यमंत्री को पिछले 10 साल से प्रदेश में सांसद और विधायक कोष से हुए कामों की जांच करवानी चाहिए. गौरतलब है कि बीजेपी विधायक मदन दिलावर ने कल सदन में कहा था कि विधायक-सांसद निधि से काम कराने के बदले 40% कमीशन दिया जा रहा है.

दिलावर ने कहा कि ठेकेदार सुहेल खान ने उन्हें भी 40 प्रतिशत कमीशन का ऑफर देते हुए कहा कि वह कई विधायकों और सांसदों के साथ प्रदेश में काम कर चुका है. साथ ही दिलावर ने कहा कि मोक्षधाम सहित कई जगहों पर काम कराने के लिए सुहेल ने यह ऑफर दिया. उसने कहा कि राजफेड के जरिए टेंडर निकालकर काम कराया जाएगा. आपको बता दें कि विधायक निधि कोष के लिए साल में विधायक को सवा दो करोड रुपए की राशि मिलती है. वहीं, सांसद के लिए साल में यह रकम 5 करोड़ है.