जयपुर:राजस्‍थान विधानसभा का पांचवां सत्र (Rajasthan Assembly Session) शुक्रवार 14 अगस्‍त को सुबह 11 बजे से शुरू होगा. जबकि आज ही विधानसभा में विश्वास मत प्रस्ताव (Motion of confidence) लाया जा सकता है. कार्यवाही शुरू होते ही विधानसभा स्पीकर विश्वास मत प्रस्ताव और अविश्वास प्रस्ताव पर व्यवस्था दे सकते हैं. सदन में विश्वास मत पर बहस के बाद फ्लोर टेस्ट (Floor Test) हो सकता है. हालांकि, विधानसभा सत्र की कार्यसूची में विश्वास प्रस्ताव को सूचीबद्ध नहीं किया गया. सदन में कल 8 अध्यादेश और कोरोना की स्थिति पर चर्चा की जाएगी. वहीं अधिकारियों ने बताया कि विधानसभा सत्र को लेकर सारी तैयारियां पूरी कर ली गयी हैं.

इसमें कोरोना वायरस संक्रमण से बचाव के लिए बरती जाने वाली सावधानियों को ध्‍यान में रखते हुए विधानसभा में पुख्‍ता व्‍यवस्‍थाएं की गई हैं. इस बार विधानसभा सत्र के दौरान दर्शक, विशिष्‍ट और अध्‍यक्ष दीर्घा के लिए प्रवेश पत्र नहीं बनाए जाएंगे. राजस्‍थान विधानसभा के सचिव प्रमिल कुमार माथुर ने बताया कि प्रवेश द्वारों पर हाथ धोने और सेनेटाइज किए जाने वाली मशीनें पर्याप्‍त संख्‍या में लगाई गई है. चार पहिया वाहन को भी विधानसभा परिसर में प्रवेश करते ही सेनेटाइज मशीन से निकालना होगा. उन्‍होनें बताया कि कोरोना से बचाव के लिए अपनाई जाने वाली सभी सावधानियों को दृष्टिगत रखते हुए विधानसभा सत्र के लिए आवश्‍यक व्‍यवस्‍थाएं पूरी कर ली गई हैं.

पायलट-गहलोत ने कही ये बात
सियासी छींचतान के बाच गुरुवार को सीएम आवास में कांग्रेस विधायक दल की बैठक हुए. बैठक में गहलोत खेमे के विधायक भी शामिल हुए. बैठक में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि 19 विधायकों के बिना भी वह विधानसभा में बहुमत साबित कर देते, लेकिन वह खुशी नहीं मिलती. सीएम ने कहा कि अपने-अपने होते हैं. कांग्रेस विधानसभा में विश्वासमत प्रस्ताव पेश करेगी. तो वहीं सचिन पायलट ने कहा कि उन्होंने 6 साल में ईमानदारी से पूरी कोशिश की कि पार्टी के लिए काम कर सकें. जिन कार्यकर्ताओं की मेहनत से सरकार बनी, उनकी अपेक्षाओं पर खरा उतरा जा सके.

बीजेपी का ऐलान

विधानसभा सत्र से पहले नेता प्रतिक्ष ने एक बड़ा बयान दिया. नेता गुलाबचंद कटारिया ने कहा कि कल से शुरू होने वाले विधानसभा सत्र में उनकी पार्टी अविश्वासमत का प्रस्ताव लाएगी. इससे पहले प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष सतीश पूनिया ने भी मीडिया के साथ बातचीत के दौरान कहा कि गहलोत सरकार अंदरूनी संकट से जूझ रही है. जिस तरह से गहलोत बनाम पायलट विवाद खत्म हुआ है, उसको देखते हुए लगता है कि सरकार विधानसभा में विश्वासमत का प्रस्ताव ला सकती है. बीजेपी ऐसे किसी हालात के लिए तैयार है. अगर ऐसा होता है तो बीजेपी भी विधानसभा में अविश्वासमत का प्रस्ताव लाएगी.