जयपुर:टिड्डियों (locust) ने इस बार जयपुर जिले पर भी अटैक कर दिया है. टिड्डी दल ने बुधवार को जयपुर जिले के जमवारामगढ़-आंधी क्षेत्र में अटैक किया है. उसके बाद से कृषि विभाग (Agriculture Department) में हड़कंप मच गया है. हरकत में आए कृषि विभाग ने वहां अपने कर्मचारियों की फौज तैनात कर दी है. कृषि मंत्री के अधिकारियों को मौके पर पहुंचने के निर्देश दिए हैं.

कृषि विभाग के 100 कर्मचारी तैनात किए
जानकारी के अनुसार टिड्डी दल दोपहर में जयपुर जिले के पावटा और कोटपूतली इलाके में पहुंचा था. उसके बाद यह दल वहां नहीं रुका और शाम तक जयपुर के समीप जमवारामगढ़-आंधी इलाके में पहुंचकर वहां डेरा डाल दिया. इस पर कृषि विभाग हरकत में आया और डिप्टी डायरेक्टर बीआर कड़वा मौके पर जाने के लिए रवाना हुए. आंधी क्षेत्र में कृषि विभाग के 100 कर्मचारी तैनात किए गए हैं. इसके साथ ही 25 माउंटेड स्प्रेयर और 5 पानी टैंकर टिड्डी नियंत्रण के लिए भेजे गए हैं. वहीं 1 हजार लीटर कीटनाशक उपलब्धता के निर्देश भी दिए गए हैं. आज देर रात से टिड्डियों को मारने का काम शुरू किया जाएगा.

पिछले साल 12 जिलों में टिड्डियों का प्रकोप रहा था

अभी जयपुर जिले के आसपास के जिलों में झुंझुनूं और सीकर के श्रीमाधोपुर में टिड्डियों का प्रकोप है. नागौर जिले में भी टिड्डियां आई थीं लेकिन अभी वहां टिड्डी का प्रकोप नहीं है. पिछले साल 12 जिलों में टिड्डियों का प्रकोप रहा था और इनमें जयपुर जिला शामिल नहीं था. लेकिन इस बार कुछ नए जिलों में भी टिड्डियों के प्रकोप की आशंकाएं हैं. संयुक्त राष्ट्र के खाद्य एवं कृषि संगठन ने चेतावनी दी हुई है कि इस बार खतरा पिछले साल के मुकाबले 2 से 3 गुना ज्यादा बड़ा होगा.

बना रहेगा खतरा
कृषि विभाग के अधिकारियों के मुताबिक अभी टिड्डियों का एक छोटा स्वार्म जिले में घुसा है और यह यहां ठिकाना बनाता है तो पेड़-पौधों को नुकसान करेगा. टिड्डियां अगर आज जयपुर जिले के गांवों में अपना ठिकाना नहीं भी बनाती है तो भी इनके लौट आने का खतरा हमेशा बना रहेगा. आसपास के इलाकों से कभी भी ये टिड्डियां हवा के साथ जिले में प्रवेश कर सकती हैं.

अब तक इन जिलों में हुआ प्रकोप
कृषि आयुक्त डॉ. ओमप्रकाश के मुताबिक 11 अप्रेल को प्रदेश में टिड्डी दलों का प्रवेश हुआ था. अब तक जैसलमेर, बाड़मेर, श्रीगंगानगर, जोधपुर, नागौर, अजमेर, पाली, बीकानेर, सिरोही और भीलवाड़ा जिलों में करीब 37 हजार हैक्टेयर क्षेत्र में टिड्डी का प्रभाव है.