जयपुर:प्रदेश के आईएएस कैडर (IAS Cadre) में शीर्ष पर बैठे ब्यूरोक्रेट्स (Bureaucrates) करोड़ों की संपत्ति के मालिक हैं. अतिरिक्त मुख्य सचिव स्तर के 17 अधिकारियों की ओर से दाखिल किये गये अचल संपत्ति विवरण आईपीआर की पड़ताल करें तो इनमें से हर एक के पास औसतन करीब 2 करोड़ रुपए कीमत के भूमि- भवन (Land-building) हैं.  सरकार को दिए गए विवरण के अनुसार अतिरिक्त मुख्य सचिव स्तर के अधिकारियों में सर्वाधिक अचल संपत्ति 1985 बैच के IAS मधुकर गुप्ता के पास है. उनकी संपत्ति की कीमत 4.85 करोड़ से अधिक है. जबकि कई ऐसे अधिकारी है जिन्होंने अपनी संपत्ति की वर्तमान कीमत घोषित नहीं की है. इन संपत्तियों में कई उनके खुद के नाम पर हैं और कई पत्नी और अन्य रिश्तेदारों की साझेदारी या परिजनों के नाम से है.

कई-कई अचल संपत्ति खरीदी हैं अधिकारियों ने
1983 से 1990 बैच के 17 आला अधिकारियों में से गिरिराज सिंह की संपत्ति का ब्यौरा उपलब्ध नहीं है. इन अफसरों का जमीन से गहरा लगाव है. यही कारण है कि अधिकतर वरिष्ठ आईएएस अफसरों ने अपनी नौकरी के दौरान कई-कई अचल संपत्तियां खरीदी हैं. इनमें मकान-दुकान और रिहायशी व कृषि भूमि शामिल है. ये वो आईएएस अफ़सर हैं जो प्रशासनिक पायदान की चोटी पर बैठकर प्रदेश की संपूर्ण प्रशासन व्यवस्था चला रहे हैं.

खुलासे से बचने के लिए निकाली गली
17 शीर्ष नौकरशाहों की सूची में कई अधिकारी ऐसे हैं जिन्होंने अपनी अचल संपत्ति की कई वर्षों पहले की खरीद कीमत तो बताई है, लेकिन वर्तमान कीमत नहीं बताई. इनमें प्रमुख तौर पर IAS नीलकमल दरबारी, सुबोध अग्रवाल, पीके गोयल और वी श्रीनिवास शामिल हैं. इन अधिकारियों ने घोषणा में वर्तमान कीमत बताने का प्रावधान होने पर भी या तो स्थानीय डीएलसी दर के मुताबिक लिखा है या फिर कह दिया की आकलन नहीं कराया. मुख्य सचिव राजीव स्वरूप ने 1 जनवरी 2020 की स्थिति में इस वर्ष अचल संपत्ति का ब्यौरा तो दिया है लेकिन उसमें संपूर्ण विवरण उपलब्ध नहीं है. जबकि पिछले वर्ष के शपथ पत्र में उन्होंने 2 संपत्तियों की घोषणा की थी.

ACS स्तर के अधिकारियों ने बताई ये संपत्तियां
डीबी गुप्ता 3.43 करोड़, राजीव स्वरूप 1.40 करोड़, रविशंकर श्रीवास्तव 1.67 करोड़, मधुकर गुप्ता 4.85 करोड़, वीनू गुप्ता 3.43 करोड़, सुबोध अग्रवाल 2.94 करोड़, सुभ्रा सिंह 1.34 करोड़, रोहित कुमार सिंह 1.14 करोड़, संजय मल्होत्रा 2.36 करोड़ और आर. वेंकटेश्वरण ने 1.5 करोड़ रुपये की संपत्ति बताई है. वहीं निरंजन आर्य ने अपनी संपत्ति 98 लाख, राजेश्वर सिंह 76 लाख और नीलकमल दरबारी 17.54 लाख बताई है.