जयपुर. जयपुर डिस्कॉम अक्टूबर 18 से दिसंबर 2018 तक उपभोग की गई बिजली पर फ्यूल सरचार्ज के नाम पर उपभोक्ताओं से बिलों में 100 से 500 तक की ज्यादा वसूली करेगी। हर यूनिट बिजली खर्च पर 37 पैसे का फ्यूल सरचार्ज लगेगा। बिजली कंपनी की कॉमर्शियल विंग ने जनवरी 19  से मार्च 2019 तक बिजली उपभोग पर भी 37 पैसे प्रति यूनिट फ्यूल सरचार्ज की राशि जोड़ने के लिए लेखा शाखा को आदेश भिजवा दिया है। अब आगामी अप्रैल में मिलने वाले बिलों में फ्यूल सरचार्ज की राशि जुड़कर आएगी। बिजली कंपनियां फ्यूल चार्ज के आधार पर करीब 250 करोड़ रुपए की अतिरिक्त वसूली करेंगी। 


जयपुर डिस्कॉम अपने उपभोक्ताओं से 120 करोड़ रुपए की वसूली करेगा। बिजली कंपनी की कॉमर्शियल विंग के अधीक्षण अभियंता आरके शर्मा ने फ्यूल सरचार्ज की वसूली के लिए लेखा विंग को  निर्देश जारी किए हंै। डिस्कॉम पिछले छह महीने से फ्यूज सरचार्ज की अधिकतम राशि वसूल रहे हैं। हालांकि पिछली बार टैरिफ बढ़ने के बाद अप्रेल 15 से मार्च 16 तक फ्यूल सरचार्ज की वसूली नहीं की गई थी। डिस्कॉम के चीफ इंजीनियर (हैडक्वार्टर) राजीव चौधरी ने बताया कि आरईआरसी के निर्देशानुसार ही फ्यूल सरचार्ज वसूल रहे है। इसकी गणना लेखा विंग ने की है। 

कोयला, डीजल व परिवहन के खर्च की वसूली भी उपभोक्ता से ही

यह है फ्यूल सरचार्ज 
आरईआरसी हर साल बिजली खरीद समेत अन्य खर्च की गणना के बाद बिजली की टैरिफ तय करता है। इसमें आयोग फिक्स कॉस्ट के साथ वेरिएबल कॉस्ट के रूप में बिजली टैरिफ तय करता है। वेरिएबल कॉस्ट कोयला, डीजल व परिवहन के खर्च से तय होती है, इसकी वसूली उपभोक्ताओं से करनी है। इसकी शुरुआत 2009 से की गई थी। इस सरचार्ज को हर तीन महीने में बदला जाता है। कंपनियां महंगी दरों पर खरीदी बिजली का अंतर भी फ्यूल सरचार्ज में वसूल रही हैं।

ऐसे समझें बिल का गणित 

}यदि आपका एक माह का बिल 400 यूनिट आता है, तो आगामी बिल में अक्टूबर से दिसंबर 2018 तक बिजली उपभोग पर फ्यूल सरचार्ज देना होगा।

}यह फ्यूल सरचार्ज 37 पैसे प्रति यूनिट लगाया जा रहा है। ऐसे में उपभोक्ता पर 444 रुपए से ज्यादा का भार पड़ेगा। बिजली कंपनी की लेखा विंग में फ्यूल सरचार्ज की गणना भी करवाई जा रही है। ताकि जून के बिलों में उसे जोड़कर भेजा जा सके।

...जनमत- सूखे राजस्थान में पानी फ्री तो बिजली बिलों में सरचार्ज क्यों?

  • हाल ही राज्य सरकार ने 15 हजार लीटर तक पानी के उपभोग को फ्री कर दिया। पानी भी तब सस्ता जब राजस्थान की जमीन के केवल 15 प्रतिशत हिस्से में ही पानी सुरक्षित स्तर पर है, शेष 85% हिस्से मेें जमीन का पानी खतरे के निशान से नीचे उतर चुका।
  • राजस्थान में पानी है नहीं, फिर भी फ्री, हम बिजली उत्पादन जरूरत से ज्यादा कर रहे फिर भी महंगी क्यों?
  • राजस्थान में फ्री पानी की घोषणा से खुद उपभोक्ता चौंके हुए हैं। सवाल उठा रही है- पानी फ्री करने वाली सरकार बिजली सरचार्ज की मार क्यों कर रही है? बिजली बिल की मार तो पानी बिल से 10 गुना ज्यादा तक है।