जयपुर:कोरोना काल और चीन के साथ बढ़े विवाद (China dispute) के चलते सेना में टेट्रा पैक दूध की मांग बढ़ गई है. इस दौरान जयपुर डेयरी (Jaipur Dairy) सेना के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी हुई नजर आ रही है. जयपुर डेयरी द्वारा कोरोना काल में 24 घंटे काम करके सेना की बढ़ी हुई दूध की आपूर्ति (Milk supply) को निर्बाध रूप से पूरा किया जा रहा है. जयपुर डेयरी के इस कार्य के लिए भारतीय सेना (Indian Army) ने पत्र लिखकर डेयरी प्रबंधन की प्रशंसा की है. जयपुर डेयरी एमडी ए के गुप्ता के मुताबिक उच्च गुणवत्ता के टेट्रा पैक दूध की आपूर्ति सेना को लंबे समय से की जा रही है. लेकिन पिछले महीनों में कोविड संक्रमण और सीमा पर सेना की सक्रियता बढ़ने से वहां दूध की डिमांड जबर्दस्त बढ़ी है. इस बढ़ी हुई मांग को भी जयपुर डेयरी ने बिना किसी बाधा के पूरा किया है. इसे सेना ने सराहा है.


दोगुनी से भी ज्यादा हो गई डिमांड
जयपुर डेयरी द्वारा पिछले काफी समय से सेना को टेट्रा पैक दूध की आपूर्ति की जा रही है. लेकिन सीमा पर सक्रियता के चलते जम्मू कश्मीर रीजन, नॉर्थ ईस्ट रीजन और राजस्थान की सीमा पर दूध की मांग बढ़ गई है. सामान्य दिनों में सेना की 9 लाख लीटर प्रति माह टेट्रा पैक दूध की डिमांड रहती है लेकिन हाल ही में सेना को 20 लाख लीटर की दूध की आपूर्ति जयपुर डेयरी द्वारा की गई है.
 

जयपुर डेयरी के कर्मचारियों ने दिन-रात काम किया
जम्मू कश्मीर रीजन में जहां जुलाई महीने में 6 लाख लीटर टेट्रा पैक दूध की डिमांड थी. वहीं सितंबर के महीने में वहां 12 लाख लीटर से ज्यादा दूध की आपूर्ति की गई. इसी तरह नॉर्थ ईस्ट रीजन में जुलाई महीने में 2 लाख 34 हजार लीटर टेट्रा पैक दूध सप्लाई किया गया था. लेकिन सितंबर के महीने में 5 लाख 82 हजार लीटर दूध की आपूर्ति की गई. सेना की इस बढ़ी हुई डिमांड को पूरा करने के लिए जयपुर डेयरी के कर्मचारियों ने दिन-रात काम किया.

एक महीने खराब नहीं होता है ट्रेटा पैक दूध
सामान्य पैकिंग के दूध की लाइफ जहां अधिकतम केवल दो-तीन दिन होती है वहीं टेट्रा पैक दूध करीब 1 महीने तक खराब नहीं होता है. यही वजह है कि सेना में टेट्रा पैक दूध की खासी डिमांड रहती है. दुर्गम इलाकों में तैनात सैनिकों को टेट्रा पैक दूध पहुंचाया जाता है ताकि वे इसे लम्बे समय तक इसे काम ले सकें. दूध के साथ ही सेना को सरस घी भी जयपुर डेयरी द्वारा भेजा जा रहा है. इंडो-तिब्बत सीमा पर जहां साढ़े 5 टन सरस घी भेजा गया है वहीं लेह लद्दाख सीमा पर 38 टन सरस घी भेजा जा रहा है.

प्रबंधन ने इस प्रशंसा को कार्मिकों को समर्पित किया
सेना द्वारा लिखे पत्र में कहा गया है कि जयपुर डेयरी द्वारा इस घड़ी में जिस तरह की उच्च श्रेणी की व्यावसायिकता प्रदर्शित की गई है वह काबिल-ए-तारीफ है. जयपुर डेयरी के एमडी ए के गुप्ता ने सेना द्वारा की गई इस प्रशंसा को जयपुर डेयरी के समस्त कार्मिकों को समर्पित किया है. इसके साथ ही विश्वास दिलाया है कि जयपुर डेयरी आगे भी इसी तरह सेना को सहयोग जारी रख राष्ट्र निर्माण में अपनी भागीदारी निभाते रहेगी.