जयपुर. लॉकडाउन (Lockdown ) में फंसे श्रमिकों की घर वापसी के लिए रेल और बस किराए का खर्च गहलोत सरकार (Gehlot Government) उठाएगी. राजस्थान में फंसे श्रमिकों को उनके घर तक भेजने के लिए रेल और बस का किराया राजस्थान सरकार देगी. वहीं राजस्थान रोडवेज की बसों से जिन श्रमिकों को लाया जाएगा उसका किराया भी सरकार नहीं लेगी. कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के निर्देश के बाद सीएम अशोक गहलोत ने यह फैसला लिया है.

सीएम गहलोत ने ट्वीट करके इस फैसले की जानकारी दी
सीएम अशोक गहलोत ने सोमवार को कलेक्टर्स और एसपी के साथ करीब साढ़े तीन घंटे तक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग करने के बाद इस फैसले की घोषणा की. वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के बाद सीएम गहलोत ने ट्वीट करके इस फैसले की जानकारी दी. वीसी के बाद सीएम ने ट्वीट कर कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के निर्देश पर हमने फैसला किया है कि राजस्थान से अन्य राज्यों में भेजे जाने वाले प्रवासी श्रमिकों के किराए का भुगतान रेलवे को राज्य सरकार करेगी. वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान सीएम अशोक गहलोत ने कलेक्टर्स को ये निर्देश दिए कि प्रवासी श्रमिकों के आवागमन के लिए किराए का भुगतान अनटाइड मद से किया जाए.

सोनिया के निर्देश के कुछ ही घंटों में सरकार ने किया फैसला



कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने सुबह ही सभी प्रदेश कांग्रेस कमेटियों को प्रवासी मजदूरों के रेल किराए के भुगतान करने के निर्देश दिए थे. राजस्थान में कांगेस की सरकार है इसलिए सरकार ने श्रमिकों के रेल और बस किराए का खर्च उठाने का फैसला किया है. छतीसगढ़ सरकार भी यह फैसला कर चुकी है.

लाखों मजदूरों को होगा फायदा
सरकार के इस फैसले से लाखों मजदूरों को फायदा होगा. अब तक 15 लाख मजदूर घर वापसी के लिए रजिस्ट्रेशन करवा चुके हैं. इनमें से करीब 4 लाख मजदूर अन्य राज्यों के हैं जो बाहर जाना चाहते हैं. राजस्थान सरकार ने इससे पहले शेल्टर होम में ठहरे हुए प्रवासी मजदूरों को राजस्थान रोडवेज की बसों से बॉर्डर तक पहुंचाया था और इसका किराया नहीं लिया था. बिहार के श्रमिकों के बस और रेल का किराया भी राज्य सरकार ने वहन किया था.