नई दिल्ली, बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) के लोगों को जागरूक करने के कदमों तथा खुदरा निवेशकों की मजबूत भागीदारी से अगस्त में इक्विटी मुचुअल फंड में रिकार्ड 20,362 करोड़ रुपए का निवेश हुआ। एसोसिएशन ऑफ मुचुअल फंड्स इन इंडिया के आंकड़ों के अनुसार, यह लगातार 17वां ऐसा महीना रहा जब इक्विटी योजनाओं में निवेश हुआ है। इससे पहले आखिरी बार मार्च 2016 में इसमें 1,370 करोड़ रुपए की निकासी की गयी थी। अगस्त महीने में हुए भारी निवेश के कारण अब तक का कुल इक्विटी मुचुअल फंड निवेश पिछले महीने के 6.3 लाख करोड़ रुपए से दो प्रतिशत बढक़र 6.44 लाख करोड़ रुपए पर पहुंच गया।

आंकड़ों के अनुसार, अगस्त महीने में इक्विटी से जुड़ी बचत योजनाओं समेत इक्विटी फंड में कुल 20,362 करोड़ रपये का निवेश हुआ। जुलाई में यह निवेश 12,727 करोड़ रुपए रहा था। बजाज कैपिटल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी राहुल पारीख ने कहा, अगस्त में इक्विटी बाजार में हुआ सुधार इस माह के दौरान इक्विटी मुचुअल फंड में शुद्ध तेज निवेश के कारण निवेशकों का उत्साह तोड़ नहीं सका। सिस्टमेटिक इंवेस्टमेंट प्लान (एसआईपी) का खाता मजबूत रहने तथा निवेशकों की खरीद गिरने का परिणाम इक्विटी फंड में मजबूत शुद्ध निवेश के रूप में दिखा।

मॉर्निंगस्टार के निदेशक (प्रबंधक शोध) कौस्तुभ बेलापुरकर ने कहा कि पिछला तीन साल खासकर 2016 खुदरा निवेशकों की बढ़ी भागीदारी के साथ इक्विटी में बड़े निवेश का साक्षी रहा है। उन्होंने कहा, हमने नोटबंदी के बाद मुचुअल फंड खासकर इक्विटी फंड में निवेश में जबरदस्त वृद्धि होते देखा है। हालांकि इसे पूरी तरह से महज नोटबंदी का प्रभाव नहीं माना जा सकता है, बल्कि यह पूरे उद्योग जगत की निवेशकों तक पहुंचने तथा निवेश के लाभ के प्रति जागरूक करने की साझा कोशिशों का परिणाम है।

नोटबंदी के बाद औपचारिक अर्थव्यवस्था में पैसे का प्रवाह बढऩे से निवेश के रूप में मुचुअल फंड का आकर्षण बढ़ाने में मदद मिली है। एसआईपी मुचुअल फंड में निवेश करने का निवेशकों का तरजीही तरीका रहा है क्योंकि इससे बाजार के समय के जोखिमों को कम करने में मदद मिलती है। एसआईपी से लोगों को एक ही बार में निवेश करने के बजाय समय-समय पर छोटी मात्रा में निवेश करने की सहुलियत मिलती है। वे इसके तहत साप्ताहिक, मासिक या त्रैमासिक स्तर पर निवेश कर सकते हैं। अभी उद्योग जगत को एसआईपी के जरिए प्रति माह करीब पांच हजार करोड़ रुपए प्राप्त होते हैं।