उत्तरप्रदेश:उत्तरप्रदेश के बुलंदशहर में हिंसा का शिकार हुए इंस्पेक्टर सुबोध कुमार को यूपी पुलिस ने आज श्रद्दांजलि दी।इस दौरान सुबोध के बेटे अभिषेक ने कहा कि "मेरे पिता चाहते थे कि मैं एक अच्छा नागरिक बनूं जो धर्म के नाम पर समाज में हिंसा को उत्तेजित नहीं करता है। आज मेरे पिता ने इस हिंदू- मुस्लिम विवाद में जान दे दी। कल किसी ओर का पिता मारा जाएगा।" 

दरअसल, बुलंदशहर में अवैध गोकशी के शक में भीड़ ने उत्पात मचा दिया। इसे कंट्रोल करने के लिए पुलिस मौके पर पहुंची तो लोगों ने पुलिस पर हमला कर दिया। ऐसे में भीड़ से काबू पाने के लिए पुलिस ने हवा में फायरिंग कर दी। इससे भीड़ बेकाबू हो गई। उसी भीड़ में से किसी ने पुलिस इंस्पेक्टर सुबोध पर फायरिंग कर दी। इससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। बतादें सुबोध अलवर में भीड़ का शिकार बने अख़लाक केस की जांच कर रहे थे। इसलिए लोगों में चर्चा है कि इसी के चलते भीड़ ने सिर्फ सुबोध को निशाना बनाया।

इस गोली कांड में बजरंग दल के जिला प्रमुख योगेश राज का भी नाम सामने आया है। हालांकि पुख्ता सबूत के अभाव में पुलिस ने अभी उसे गिरफ्तार नहीं किया है। वहीं एक समाचार चैनल एबीपी न्यूज के मुताबिक किसी रिटायर्ड सेना के अधिकारी ने सुबोध पर फायरिंग की थी। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है।

इस हमले की निंदा करते हुए उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पीडित परिवार की पत्नि को 40 लाख रुपये मरने वाले के मा-बाप को 10 लाख रुपये और परिवार के एक सदस्य की नौकरी की घोषणा की है। इसके अलावा पुलिस इंस्पेक्टर सुबोध को शहीद का दर्जा दिया गया है। 

बतादें इस घटना की अलपसंख्यक मामलो के मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी और कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल ने निंदा की है।
उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले में हिंसा के बाद सोमवार को पुलिस निरीक्षक सुबोध कुमार सिंह के मारे गए मवेशियों की कथित अवैध हत्या पर, एबीपी न्यूज़ के सूत्रों ने बताया कि सुबोध कुमार सिंह को गोली मारने वाले व्यक्ति को सेवानिवृत्त सेना सैनिक माना जाता है