नई दिल्ली, भारतीय महिला हॉकी टीम ने दो बार पिछडऩे के बाद शानदार वापसी करके बेल्जियम की जूनियर पुरुष टीम के खिलाफ एक बेहद करीबी मैच 2-2 से ड्रॉ खेला। बेल्जियम की तरफ से स्टैन ब्रानिस्की (19वें मिनट) और मैथ्यू डि लीट (43वें मिनट) ने गोल किए जबकि भारत के लिए निक्की प्रधान (36वें मिनट) और वंदना कटारिया (54वें मिनट) ने गोल दागे। कप्तान रानी की अगुवाई में भारतीय टीम ने सकारात्मक शुरुआत की और 40वें सेकेंड में ही पहला पेनल्टी कॉर्नर हासिल किया, लेकिन वह इसे गोल में नहीं बदल पाई। इसके दो मिनट बाद बेल्जियम के गोलकीपर ने एक ओर पेनल्टी कॉर्नर बचाया।

बेल्जियम की युवा टीम ने हालांकि छह मिनट के अंदर तीन पेनल्टी कॉर्नर हासिल किए, लेकिन भारतीय गोलकीपर सविता ने अच्छा प्रदर्शन करके मेजबान टीम को शुरू में बढ़त हासिल नहीं करने दी। फॉरवर्ड वंदना कटारिया ने भी सर्किल के अंदर भारत के लिए अच्छा मौका बनाया था, लेकिन वह गोल करने में नाकाम रही। इस तरह से पहला क्वार्टर गोलरहित छूटा। दूसरे क्वार्टर में दोनों टीमों ने गोल करने के लिए अधिक प्रयास किए।

इस बीच बेल्जियम की टीम ने गेंद को अधिक समय अपने कब्जे में रखा। इसका उसे फायदा भी मिला और 19वें मिनट में स्टैन ब्रानिस्की के गोल से उसने बढ़त हासिल कर ली। भारत को जल्द ही पेनल्टी कॉर्नर मिला, लेकिन जूनियर विश्व कप फाइनलिस्ट गोलकीपर ने उसे बचा दिया। इस तरह से बेल्जियम ने दूसरे क्वार्टर की समाप्ति तक एक गोल की बढ़त बनाए रखी थी। भारत ने तीसरे क्वार्टर की अच्छी शुरुआत की। निक्की प्रधान ने 36वें मिनट में बराबरी का गोल किया। बेल्जियम ने इस क्वार्टर के अंतिम क्षणों में अच्छा खेल दिखाया और 43वें मिनट में मैथ्यू डि लीट के गोल से फिर बढ़त हासिल कर ली।

बेल्जियम की जूनियर पुरुष टीम ने चौथे क्वार्टर में आक्रामक रवैया अपनाया, लेकिन भारतीय गोलकीपर रजनी इतिमारपु ने उसके प्रयास नाकाम करने में कोई कसर नहीं छोड़ी। भारत ने अंतिम क्षणों में गोल करने के लिए जी जान लगा दी और इसका उसे फायदा मिला। वंदना कटारिया ने 54वें मिनट में टीम के लिए बराबरी का गोल दागा। भारतीय टीम यूरोप दौरे के अपने तीसरे मैच में 14 सितंबर को लेडीज डेन बोस्क से भिड़ेगी।