भारत ने विश्व अंतरिक्ष में अपनी एक विश्वसनीय जगह बनाई है। रविवार को भारत इंग्लैंड के दो उपग्रहों को प्रक्षेपण करेगा। यह प्रक्षेपण भारत अपने ध्रुवीय उपग्रह प्रक्षेपण यान से करेगा। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इंग्लैंड के यह दोनों उपग्रह 889 किलोग्राम वजनी हैं। जिनको एक साथ पृथ्वी के कक्षा में स्थापित किया जाएगा।

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन(इसरो) के अध्यक्ष के। शिवन ने बताया कि 16 सितंबर को होने वाला रॉकेट लॉन्च पूरी तरह से वाणिज्यिक लॉन्च होगा। रॉकेट केवल दो विदेशी उपग्रहों को ले जाएगा। उन्होंने कहा कि इस तरह के वाणिज्यिक लॉन्च इसरो के लिए नए नहीं हैं क्योंकि ऐसा पहले कई बार किया जा चुका है। पीएसएलवी रॉकेट को आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा के सतीश धवन स्पेस सेंटर के पहले लॉन्च पैड से प्रक्षेपित किया जएगा।

प्रक्षेपित किए जाने वाले दोनों दो उपग्रह इसरो की वाणिज्यिक शाखा एंट्रिक्स कॉर्प लिमिटेड के साथ ब्रिटेन के सैटेलाइट टेक्नोलॉजी लिमिटेड के साथ हुए एक व्यापारिक समझौते के तहत लांच किया जाएगा। इसरो के अनुसार, ये दोनों उपग्रह सूर्य के 583 किलोमीटर बड़े समकालिक कक्ष में लॉन्च किए जाएंगे। प्रक्षेपित होने वाले उपग्रहों में से एक नोवाएसएआर एक एस-बैंड सिंथेटिक एपर्चर रडार उपग्रह है जो वन मानचित्रण, भूमि उपयोग, बर्फ, बाढ़ और आपदा की निगरानी करेगा।

वहीं दूसरा एस1-4 एक क्षई रेजेलूशन ऑप्टिकल अर्थ ऑब्जर्वेशन उपग्रह है, जो संसाधनों, पर्यावरण निगरानी, शहरी प्रबंधन और आपदा निगरानी के लिए उपयोग किया जाएगा।