नई दिल्ली:CDS बिपिन रावत ने कहा है कि कोविड-19 वॉरियर्स के सम्मान में श्रीनगर से त्रिवेंद्रम और डिब्रूगढ़ से कच्छ तक के अपने फ्लाईपास्ट के दौरान भारतीय वायुसेना, एयरक्राफ्ट से कुछ जगहों पर फूल बरसाएगी. चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल बिपिन रावत (General Bipin Rawat) ने तीनों सेनाओं के प्रमुखों के साथ शाम 6 बजे एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए यह बात कहीं.  इसे लेकर उन्होंने कहा कि कुछ ऐसी विशेष गतिविधियां हैं, जिनका गवाह राष्ट्र को बनना चाहिए. एयर फोर्स श्रीनगर से त्रिवेंद्रम तक का फ्लाईपास्ट करेगी और ऐसा ही एक और फ्लाईपास्ट असम (Assam) के डिब्रूगढ़ से गुजरात (Gujarat) के कच्छ तक होगा. इसमें ट्रांसपोर्ट और फाइटर एयरक्राफ्ट दोनों ही शामिल होंगे. उन्होंने बताया कि नौसेना की ओर से अपने युद्धपोतों को 3 मई को शाम को तटीय क्षेत्रों में तैनात किया जाएगा. नौसेना के वॉरशिप पर भी रोशनी की जाएगी और उसके हेलीकॉप्टर्स का इस्तेमाल अस्पतालों पर फूल बरसाने के लिए किया जाएगा.

'रेड जोन में सेना को लगाए जाने की कोई जरूरत नहीं'
कोरोना प्रकोप के रेड जोन (Red Zone) में मिलिट्री लगाए जाने की संभावना पर CDS रावत ने कहा, "हमारे पुलिस कर्मी (Police Personnel) अपना काम बहुत अच्छी तरह से कर रहे हैं और उन्हें रेड जोन में लगाया गया है. वे रेड जोन में आवश्यक कार्रवाई में सक्षम हैं. अभी तक वहां पर मिलिट्री लगाए जाने की कोई जरूरत महसूस नहीं की गई है."



CDS बिपिन रावत ने कहा है कि हम सैन्य बल की ओर से सभी COVID-19 योद्धाओं, डॉक्टरों, नर्सों, सफाई कर्मचारियों, पुलिस, होम गार्ड, डिलिवरी बॉय और मीडिया के लोगों का शुक्रिया करना चाहते हैं, जो हम तक सरकार के संदेश पहुंचा रहे हैं कि हम कैसे इस कठिन समय में अपने जीवन को चलाएं.



वायुसेना में अब तक कोविड-19 का एक भी मामला नहीं आया सामने
बिपिन रावत ने यह भी कहा कि भारतीय सेना अपनी ओर से देश के लगभग हर जिले में कुछ COVID अस्पतालों के बाहर माउंटेन बैंड (एक तरह के बैंड) का प्रदर्शन करेगी. सशस्त्र बल भी हमारे पुलिस बलों के समर्थन में 3 मई को पुलिस स्मारक पर शंखनाद करेंगे.

वायुसेना प्रमुख आरकेएस भदौरिया ने बताया, 'हमने सभी सावधानियां लागू की हैं और अभी तक वायुसेना में COVID-19 का कोई मामला सामने नहीं आया है. लेकिन इससे हमारी निगरानी में कोई कमी नहीं आएगी.'

सेना प्रमुख ने कहा, COVID-19 के चलते आतंक विरोधी ऑपरेशंस में नहीं आई कमी
सेना प्रमुख जनरल मनोज एम नरवणे ने कहा, 'कोरोना वायरस से जुड़े मुद्दों से निपटने में कोई समस्या नहीं है. सेना में कोरोना वायरस का पहला मरीज स्वस्थ हो चुका है और वह जवान ड्यूटी पर वापस लौट चुका है. अभी तक सेना में मात्र 14 मामले सामने आए हैं, जिसमें से 5 सही हो चुके हैं और वे काम पर भी लौट चुके हैं.'

उन्होंने यह भी बताया, "COVID-19 के दौरान आंतकवाद विरोधी ऑपरेशनों में कोई कमी नहीं छोड़ी जा रही है. इन ऑपरेशन्स में मारे गए आतंकियों को स्थानीय प्रशासन को सौंप दिया जाता है और वे इसके बाद की जरूरी प्रक्रिया पूरी करते हैं."

नरवणे ने यह भी कहा, "LoC पार कर भारत में प्रवेश की कोशिश करने वाले लोगों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है और इसलिए घुसपैठ की कोशिशों में भी बढ़ोतरी हुई है."

इससे पहले पीएमओ ने बताया है कि इससे पहले प्रधानमंत्री की अध्यक्षता वाली एक बैठक में यह फैसला किया गया कि भारतीय एयर स्पेस का इस तरह से इस्तेमाल किया जाएगा कि उड़ान का समय कम हो सके और इससे जनता को फायदा हो और विमानन कंपनियों की सैन्य मामलों के विभाग के साथ किए जा रहे ऑपरेशनों की लागत में कमी आए.