नई दिल्ली:टीम इंडिया के सामने न्यूजीलैंड के खिलाफ (India vs New Zealand) वनडे सीरीज के आखिरी मैच में क्लीन स्वीप बचाने की चुनौती थी.  टीम इंडिया ने एक बार फिर टॉस हारने के बाद पहले बैटिंग करते हुए 50 ओवर में 296 रन बनाकर एक चुनौती पूर्ण स्कोर खड़ा किया. लेकिन इस बार भी  न्यूजीलैंड ने टीम इंडिया को मैच में हावी नहीं होने दिया और 17 गेंद शेष रहते मैच जीत कर सीरीज क्लीन स्वीप कर ली. इस सीरीज में टीम इंडिया के हार के 5 बड़े कारण रहे.

1. जीत से ज्यादा प्रयोग पर फोकस 
इस सीरीज में टीम इंडिया का जीत पर फोकस नहीं दिखा. विराट ने भी दूसरा मैच हारने के बाद कहा था कि वे तीसरे मैच में नतीजे के बारे में ज्यादा नहीं सोचेंगे. टीम में विनिंग कॉम्बिनेश का अभाव ही दिखा. टीम में बदलाव भी जीत के हिसाब से नहीं बल्कि भविष्य की योजनाओं के हिसाब से ज्यादा दिखे, आखिरी वनडे में शमी का न खेलना इसका उदाहरण रहा.

2. शीर्ष क्रम की नाकामी
टीम में इस बार पृथ्वी शॉ और मयंक अग्रवाल की अनुभवहीन जोड़ी ने सलामी बल्लेबाजी संभाली. इस लिहाज से मध्यक्रम की जिम्मेदारी ज्यादा बढ़ गई थी, लेकिन इसमें वह पूरी तरह से सफल नहीं हुआ. विराट कोहली की नाकाम टीम का अखरी, वहीं केएल राहुल और श्रेयस अय्यर का बढ़िया पारी काम नहीं आईं. 

3. जसप्रीत बुमराह का नाकामी
सीरीज मे टीम इंडिया का खास गेंदबाज जसप्रीत बुमराह बुरी तरह से नाकाम रहे, वे सीरीज में एक भी विकेट नहीं ले सके और पूरी सीरीज में दबाव डालने में नाकाम हुए. उन्होंने पहले मैच में 53 रन,  दूसरे मैच में 64 रन और तीसरे मैच में 50 रन दिए. 

4. विराट कोहली का असफलता
विराट का इस सीरीज में नाकाम होना टीम इंडिया की बल्लेबाजी पर गहरा दबाव बना गया. कमजोर शीर्ष क्रम में विराट के लिये जरूरी था कि वे टिक कर खेलें लेकिन इस सीरीज में ऐसा नहीं हुआ और बाकी बल्लेबाजों पर बहुत ही ज्यादा दबाव बनता गया. 

5. भारतीय पेसर्स की नाकामी
इस सीरीज में भारतीय पेसर्स खास तौर पर नाकाम हुए. दूसरे मैच में शार्दुल ठाकुर तो आखिरी मैच में नवदीप सैनी बहुत महंगे रहे. ऐसे में चहल और जडेजा की अच्छी गेंदबाजी भी काम नहीं आ सकी. ये दोनों गेंदबाज भी अच्छी गेंदबाजी के बाद भी समय पर विकेट लेने में नाकाम रहे. 

अब टीम इंडिया न्यूजीलैंड दौरे में दो मैचों की टेस्ट सीरीज खेलेगी. पहला मैच 21 फरवरी से खेला जाएगा.