नई दिल्ली:नेता जी सुभाष चंद्र बोस द्वारा आजाद हिंद सरकार के गठन की 21 अक्टूबर को हीरक जयंती होने का हवाला देते हुये तृणमूल कांग्रेस ने लाल किले में बनाये गये नेताजी संग्रहालय का उद्घाटन इस ऐतिहासिक घटना की सामयिकता को ध्यान में रखते हुये 21 अक्टूबर को ही करने की मांग की है।

ऐतिहासिक घटना है हीरक जयंती
तृणमूल कांग्रेस के सुखेन्दु शेखर रॉय ने आज राज्यसभा में शून्यकाल के दौरान यह मुद्दा उठाते हुये कहा कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस और आजाद हिंद फौज के नाम पर लाल किले में निर्मित संग्रहालय का उद्घाटन प्रस्तावित है। उन्होंने बताया कि नेताजी ने 21 अक्टूबर 1943 को सिंगापुर में तिरंगा फहराकर आजाद हिंद सरकार का गठन किया था। नेता जी की अगुवाई वाली संयुक्त भारत की यह पहली स्वतंत्र सरकार थी जिसे दुनिया के 11 देशों ने मान्यता भी दी थी। देश इस ऐतिहासिक घटना की हीरक जयंती मना रहा है।

आजाद हिंद सरकार का गठन
उन्होंने इसका ऐतिहासिक महत्व बताते हुये कहा कि आजाद हिंद फौज की, मणिपुर और नगालैंड के कुछ इलाकों को अपने अधिकारक्षेत्र में लेकर ‘दिल्ली चलो’ के नारे के साथ लाल किले पर तिरंगा फहराने की योजना थी। उन्होंने कहा कि आजाद हिंद सरकार के गठन की 21 अक्टूबर को 75 वीं जयंती को देखते हुये इस संग्रहालय का उद्घाटन आगामी 21 अक्टूबर का करना उपयुक्त होगा।

संग्रहालय का उद्घाटन
रॉय ने आसन के माध्यम से सरकार से 21 अक्टूबर को ही संग्रहालय का उद्घाटन करने की मांग करते हुये कहा कि किसी अन्य तारीख को संग्रहालय की शुरुआत न तो सामयिक होगी और ना ही सार्थक। विभिन्न दलों के सदस्यों ने उनके इस मुद्दे से स्वयं को संबद्ध किया।