नई दिल्ली/अयोध्या: अयोध्या में गुरुवार (12 जुलाई) एक बड़ा आयोजन होगा। अयोध्या के इतिहास में पहली बार बड़ी संख्या में मौलवी और सैकड़ों आम मुसलमान सरयू के तट पर कुरान की आयतें पढ़ेंगे। गुरुवार को सरयू नदी का तट कुरान की आयतों से गूंजेगा। मुस्लिम राष्ट्रीय मंच इस कार्यक्रम का आयोजन कर रहा है। इस पहल को 'भाईचारे' का संदेश देने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। अयोध्या में सूफी संतों की काफी संख्या में मकबरे और मजारें हैं। मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के कार्यक्रम में शामिल होने वाले मौलाना बाद में मकबरे और मजारों पर भी जाएंगे। आपको बता दें कि पहले ये खबरें आ रही थी। इस कार्यक्रम का आयोजन आइएसएस करा रहा है। लेकिन ट्वीट कर आरएसएस ने इसका खंड़न किया है।

मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के सह संयोजक मुरारी दास के मुताबिक, गुरुवार को सरयू नदी के किनारे करीब 1500 मुस्लिम समाज के मौलवी और आम मुसलमान जुटेंगे। कुरान की आयतें सरयू नदी के किनारे स्थिति नूह अली सलाम दरगाह पर पढ़ी जाएंगी। मुस्लिम राष्ट्रीय मंच का कहना है कि ये अपने आप में अनोखा आयोजन होगा, जब सैकड़ों की संख्या में मुस्लिम सरयू पर कुरान की आयतें पढ़ेंगे और दूसरी तरफ मंत्रोच्चार और सरयू आरती का भी आयोजन किया जाएगा। अयोध्या में सूफी संतों की काफी संख्या में मकबरे और मजारें हैं। मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के कार्यक्रम में शामिल होने वाले मौलाना बाद में मकबरे और मजारों पर भी जाएंगे।

मुरारी दास ने कहा कि इस कार्यक्रम के जरिए पूरी दुनिया में एक संदेश फैलाने का प्रयास किया जा रहा है कि अयोध्या हिंदू और मुसलमान भाईचारे का प्रतीक स्थल है और सभी मिलकर हिन्दुस्तान को एक तरक्कीपसंद, तालीमपसंद और कौमी एकता कायम रखने वाला राष्ट्र बनाने में योगदान करें। मुस्लिम राष्ट्रीय मंच की इस कवायद को अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण की दिशा में माहौल बनाने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।