नई दिल्ली. नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) पिछले सात साल से देश के प्रधानमंत्री हैं. इसके अलावा वे 13 साल तक गुजरात के मुख्यमंत्री रहे. पीएम मोदी पिछले करीब चार दशकों से राजनीति में सक्रिय हैं. इसके बावजूद उन्हें एक भाषा न सिखने का मलाल है. और वो है तमिल (Tamil). उन्होंने अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' (Mann ki Baat) में इसका जिक्र किया. पीएम मोदी ने कहा कि दुनिया की सबसे पुरानी भाषा तमिल न सिख पाने का उन्हें दुख है. इसके अलावा उन्होंने अपने आधे घंटे के कार्यक्रम में जल संरक्षण पर भी चर्चा की.

मन की बात कार्यक्रम में पीएम मोदी ने कहा कि कुछ दिन पहले हैदराबाद की अपर्णा रेड्डी जी के एक सवाल ने उन्हें झकझोर कर रख दिया. रेड्डी ने पीएम से कहा कि आप इतने साल से पी.एम. हैं, इतने साल सी.एम. रहे, क्या आपको कभी लगता है कि कुछ कमी रह गई? पीएम मोदी ने कहा कि अपर्णा जी के सवाल का जवाब आसान और मुश्किल दोनों था. उन्होंने कहा, 'कभी-कभी बहुत छोटा और साधारण सा सवाल भी मन को झकझोर जाता है. ये सवाल लंबे नहीं होते हैं, बहुत आसान होते हैं, फिर भी वे हमें सोचने पर मजबूर कर देते हैं.'
 

पीएम मोदी - मन के कार्यक्रम में





तमिल न सिखने का मलाला
पीएम मोदी ने कहा कि उनके सवाल ने उन्हें थोड़ी देर के लिए सोचने के लिए मजबूर कर दिया. उन्होंने कहा, 'मैंने इस सवाल पर विचार किया और खुद से कहा मेरी एक कमी ये रही कि मैं दुनिया की सबसे प्राचीन भाषा – तमिल सीखने के लिए बहुत प्रयास नहीं कर पाया, मैं तमिल नहीं सीख पाया. यह एक ऐसी सुंदर भाषा है, जो दुनिया भर में लोकप्रिय है. बहुत से लोगों ने मुझे तमिल साहित्य की क्वालिटी और इसमें लिखी गई कविताओं की गहराई के बारे में बहुत कुछ बताया है.'

तमिल का इतिहास
बता दें कि तमिल दक्षिण एशिया में बेहद लोकप्रिय भाषा है. ये भारत में तमिलनाडु और पुदुचेरी में बोली जाती है. इसके अलावा ये भाषा श्रीलंका और सिंगापुर में भी लोकप्रिय है. कहा जाता है कि ये भाषा 1500 वर्ष ईसा पूर्व के आसपास की है.