मुंबई, आईडीएफसी बैंक में वित्तीय क्षेत्र की कंपनी कैपिटल फर्स्ट का विलय होगा। यह विलय शेयर हस्तांतरण के आधार होगा और कैपिटल फर्स्ट के 10 शेयर के बदले आईडीएफसी बैंक के 139 शेयर जारी किए जायेंगे। इस संबंध में आईडीएफसी बैंक और कैपिटल फर्स्ट के निदेशक मंडलों की अलग-अलग हुई बैठकों में निर्णय लिए गए और विलय को मंजूरी दी गई। यह विलय नियामक मंजूरियों पर निर्भर करेगा।

आईडीएफसी बैंक ने अपने खुदरा कारोबार को बढ़ाने और एक इंफ्रास्ट्रक्चर वित्त पोषक कंपनी से स्वयं को विविधता वाला बैंक बनाने के उद्देश्य से इस सौदे को मंजूरी दी है। इस विलय के बाद आईडीएफसी बैंक का संपदा प्रबंधन बढ़कर 80 हजार करोड़ रुपए का हो जाएगा। कैपिटल फर्स्ट का ऋण बुक 22974 करोड़ रुपए का है और उसके तीन करोड़ ग्राहक है।

इस सौदे के तहत आईडीएफसी बैंक की प्रवर्तक कंपनी आईडीएफसी लिमिटेड के मुख्य वित्त अधिकारी विपिन गेमानी अपने पद से इस्तीफा देंगे और आईडीएफसी बैंक के अंतरिम मुख्य वित्त अधिकारी का पद ग्रहण करेंगे। सौदा के पूरा होने पर आईडीएफसी बैंक के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी राजीव लॉल अपने पद से इस्तीफा देंगे और कैपिलट फस्र्ट के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक वी वैद्यनाथन इस पद को संभालेंगे। विलय के बाद लॉल आईडीएफसी बैंक के गैर कार्यकारी अध्यक्ष बनेंगे। वह वीना मंकर का स्थान लेंगे और मंकर बैंक के निदेशक मंडल में रहेंगी।