जयपुर, गृह मंत्री गुलाब चंद कटारिया ने पुलिस विभाग के अधिकारियों को अपराधियों से सख्ती से निबटने के निर्देश देते हुए कहा कि पुलिस अपराधियों एवं अपराधों को नियंत्रित करने का हरसंभव प्रयास करे, जिससे कि प्रदेश में शांति, सद्भाव एवं भाईचारा बना रहे। उन्होंने कहा कि हार्डकोर अपराधियों एवं गंभीर किस्म के अपराधों को नियंत्रित करने के लिए ऎसी कार्ययोजना तैयार करें कि अपराधियों में भय पैदा हो।

कटारिया बुधवार को पुलिस मुख्यालय में गृह विभाग की मासिक बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि पुराने लंबित मुकदमों के निस्तारण के लिए एक अभियान चलाया जाए। उन्होंने कहा कि स्थायी वारंटी, भगौड़े एवं मफरूरों के खिलाफ पूरे प्रदेश में विशेष अभियान चलाकर सामयिक पर्यवेक्षण करते हुए प्रभावी कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार की मंशा है कि आए दिन होने वाली सड़क दुर्घटनाओें पर नियंत्रण के लिए हरसंभव प्रयास किया जाकर इनसे होने वाली मौतों की संख्या में कमी लाना है।

उन्होंने कहा कि यह अच्छी बात है कि वर्ष 2015 की अपेक्षा 2017 में सड़क दुर्घटनाओं में लगभग 7 प्रतिशत कमी आई है। इसी प्रकार घायलों की संख्या में लगभग 7 प्रतिशत कमी आई है, किंतु इन दुर्घटनाओं में मरने वालों की संख्या में विशेष कमी नहीं आई है। बैठक में तेज गति से वाहन चालन, शराब पीकर वाहन चालन पर प्रभावी रोक, हैलमेट, लेन ड्राइविंग पर विशेष ध्यान दिए जाने के निर्देश दिए गए। गृहमंत्री ने बताया कि दुपहिया वाहनों से होने वाली मृत्युदर में कमी लाने के लिए गांवों में भी हैलमेट लगाने के प्रावधान को सख्ती से लागू किए जाएं।

कटारिया ने बताया कि प्रदेश में हत्या, अपहरण एवं दुष्कर्म जैसे संगीन अपराधों में भी गिरावट हुई है। उन्होंने बताया कि गत वर्ष की तुलना में अगस्त तक आईपीसी के अपराधों में 6.85 प्रतिशत कमी आई है। उन्होंने बताया कि महिलाओं से संबंधित अपराधों में 4 प्रतिशत कमी हुई है। इसी प्रकार अनुसूचित जाति तथा अनुसूचित जनजाति के प्रति अपराधों में 45 से 51 प्रतिशत के प्रति अपराधों में 24 प्रतिशत कमी आई है। गृह मंत्री ने निर्देश दिए कि प्रदेश में बढ़ रहे साइबर अपराध चिंता का विषय है, इसे रोकने की प्रभावी कार्रवाई की जाए, ताकि पुलिस की छवि और सुधार हो सके।

कटारिया ने कहा कि जो पुलिसकर्मी 5 साल से ज्यादा समय से थानों एवं यातायात में कार्यरत हैं, उन्हें अन्य जगहों पर लगाया जाए। इसी प्रकार सीएलजी के सदस्य जिन्हें 2 वर्ष से अधिक समय हो गया है, उनके स्थान पर नए सदस्य बनाए जाए। कटारिया ने कमजोर वर्ग के लोगों को त्वरित न्याय दिलाने की पैरवी करते हुए पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए कि महिलाओं, बच्चों एवं कमजोर वर्ग के दर्ज अपराधों के अन्वेषण में तेजी लाएं तथा मानव तस्करी जैसे संगीन अपराधों पर पूरा अंकुश लगाया जाए।

उन्होंने इस वर्ष तय पुलिस प्राथमिकताओं को अमल में लाने के निर्देश देते हुए कहा कि आर्थिक एवं साइबर अपराधों पर नियंत्रण के लिए पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को पर्याप्त प्रशिक्षण देने की व्यवस्था की जाए। उन्होंने पुलिस थानों, पुलिस लाइन एवं पुलिस कार्यालयों को सौन्दर्यीकरण के साथ वहां स्वच्छता का भी पर्याप्त ध्यान दिया जाए। कटारिया ने कहा कि आगामी रिक्तियों में कांस्टेबल से हेड कांस्टेबल पद पर पदोन्नति 50 प्रतिशत वरिष्ठता एवं शेष 50 प्रतिशत योग्यात्मक परीक्षा द्वारा होगी। हेड कांस्टेबल के पद भी बढ़ाए जाएंगे।