वाहनों पर पद की नेमप्लेट लगाना पूरी तरह से गलत है। फिर भी जनप्रतिनिधि हो या अफसर, ऐसी नेमप्लेट लगाकर रुतबा दिखा रहे हैं। सोमवार को मोबाइल मजिस्ट्रेट डॉ. अजय कुमार विश्नोई ने आकस्मिक जांच की तो पद की नेमप्लेट लगी गाड़ियां मिलीं।

मोबाइल मजिस्ट्रेट के निर्देश पर ट्रैफिक पुलिस ने प्रधान, सरपंच, पार्षद, राजस्थान सरकार व भारत सरकार लिखी नेमप्लेट को हटाकर सीज किया और चालान भी बनाए। जब ऐसे रसूखदार लोगों के चालान बनने लगे तो कई जुगाड़ भी लगाए, लेकिन मजिस्ट्रेट ट्रैफिक रूल्स के विरूद्ध नेमप्लेट होने पर उन्हें सीज किया। मोबाइल मजिस्ट्रेट विश्नोई दोपहर एक बजे ट्रैफिक पुलिस के साथ निकले। रोटरी चौराहे पर थोड़ी देर जांच करने पर ऐसे कई वाहन नजर आए, जिनके वाहनों की नंबरप्लेट के ऊपर पद की नेमप्लेट या विभिन्न तरह के लोगो लगे हुए थे।

मजिस्ट्रेट ने इसे गंभीरता से लिया और ऐसे वाहनों को रुकवाकर हाथोहाथ नेमप्लेट हटवाई और उन्हें सीज भी किया। गाड़ियों पर प्रधान, सरपंच, पार्षद, नगरपालिका अध्यक्ष, सरपंच, भारत सरकार व राजस्थान सरकार लिखा हुआ था। इन सभी गाड़ियों पर ट्रैफिक नियम के विरूद्ध नेमप्लेट लगी होने पर इन सभी के चालान भी बनाए गए। तीन बजे तक चली कार्रवाई में 20 वाहनों के चालान बनाए गए। 8 वाहनों को सीज भी किया गया।

काम नहीं आए जुगाड़ व सिफारिश
जैसे ही ट्रैफिक पुलिस ने इन रसूखदारों की गाड़ियां रोकी तो उनमें बैठे ड्राइवर उतरे और चालान से बचने के लिए सिफारिश भी लगाई, लेकिन मोबाइल मजिस्ट्रेट की कार्रवाई होने की वजह से उनकी एक नहीं चलीं। कई जुगाड़ लगाने व बहाने भी बनाए गए। पर सभी के चालान काटे गए।