हापुड़:उत्तर प्रदेश में कोरोना (COVID-19) के बढ़ते मामलों को देखते हुए शासन द्वारा यूपी के गढ़मुक्तेश्वर (Garhmukteshwar) में महाभारत काल से लगता आ रहा गंगा कार्तिक मेला (Ganga Kartik Mela) स्थगित कर दिया गया है. शासन से कार्तिक मेले के स्थगन आदेश मिलने के बाद जिला प्रशासन ने श्रद्धालुओं को रोकने के लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं. हर साल हापुड़ (Hapur) जनपद के गढ़मुक्तेश्वर खादर इलाके में 1 महीने तक गंगा कार्तिक मेला लगता चला आ रहा था लेकिन इस बार कोविड-19 के बढ़ते मामले को देखते हुए संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए प्रशासन ने शासन से मेले को स्थगित करने की मांग की थी, जिसके बाद शासन से इसकी अनुमति मिल गई.

अब प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती उत्तर प्रदेश सहित अन्य राज्यों से आने वाले श्रद्धालुओं को रोकने की है. प्रशासन ने मेला स्थगित होने का व्यापक प्रचार-प्रसार भी कराना शुरू कर दिया है. हापुड़ सहित आसपास के जिलों में जिला प्रशासन को पत्र भेजे गए हैं और 25 से 30 नवंबर तक हापुड़ जनपद के गढ़मुक्तेश्वर में गंगा किनारे आने वाले बाहरी लोगों पर रोक रहेगी. जिला प्रशासन सहित पुलिस ने इसके लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं.

दिल्ली, हरियाणा सहित कई प्रदेशों से आते हैं श्रद्धालु
पुलिस प्रशासन ने गढ़मुक्तेश्वर के सभी रास्तों पर बैरिकेडिंग लगाने की व्यवस्था की है. साथ ही रूट डायवर्जन भी किया जाएगा. सभी मुख्य रास्तों पर भारी संख्या में पुलिस फोर्स की तैनाती की जाएगी इसके लिए पुलिस प्रशासन कार्ययोजना तैयार कर रहा है. आपको बता दें कि गंगा कार्तिक मेले में हर वर्ष दिल्ली,  हरियाणा,  पंजाब,  राजस्थान सहित अनेक राज्यों से लाखों श्रद्धालु अपना डेरा डालते थे लेकिन इस बार मेला पहले ही स्थगित हो चुका है और अब प्रशासन 29 और 30 नवंबर को होने वाले दीपदान पर भी रोक लगाने की तैयारी में जुटा है. ताकि कोरोना संक्रमण को फैलने से रोका जा सके. इस बार गंगा में दीपदान नहीं किया जाएगा.
महाभारत काल से लगता आ रहा है कार्तिक मेला

हापुड़ के गढ़मुक्तेश्वर में गंगा के विशाल रेतीले मैदान पर महाभारत काल से हर वर्ष गंगा कार्तिक मेला लगता आ रहा है लेकिन पहली बार कोविड-19 के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए प्रशासन ने मेले को स्थगित कर दिया है. हापुड़ एडिशनल एसपी सर्वेश कुमार मिश्रा ने बताया की गंगा कार्तिक मेला स्थगित होने के बाद प्रशासन ने आसपास के राज्यों सहित वेस्ट यूपी के जिलों के जिला प्रशासन को पत्र भेजे हैं जिनमें गढ़मुक्तेश्वर आने वाले श्रद्धालुओं को रोकने की व्यवस्था करने के लिए सहयोग मांगा गया है.

गढ़मुक्तेश्वर के किन रास्तों पर बैरिकेडिंग के साथ तैनात रहेंगे जवान

एडिशनल एसपी सर्वेश कुमार मिश्र ने बताया कि गढ़मुक्तेश्वर में श्रद्धालुओं को रोकने के लिए पूरी तैयारी की जा चुकी है. गढ़मुक्तेश्वर के 18 रास्तों पर बैरिकेडिंग और पुलिस के जवान तैनात रहेंगे. मेरठ रोड, पुरानी दिल्ली रोड, अंबेडकर चौक का गुरुद्वारा, नेशनल हाईवे समेत गढ़ बृजघाट में जाने वाले सभी रास्तों पर बैरिकेडिंग के साथ साथ भारी पुलिस बल की तैनाती रहेगी. किसी भी श्रद्धालुओं को गंगा किनारे नहीं पहुंचने दिया जाएगा जो बाहरी प्रदेशों से श्रद्धालु आएंगे उन्हें हाईवे या अन्य रास्तों पर पहले ही रोक कर वापस लौटा दिया जाएगा.