नई दिल्ली:राफेल सौदे को लेकर विवाद थमने का नाम ही नहीं ले रहा है,सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच वार-पलटवार का दौर भी जारी है। राफेल सौदे को लेकर हिन्दुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) की ओर से कहा गया है कि उसे इस बात की जानकारी नहीं थी कि पिछला राफेल सौदा एनडीए सरकार रद्द कर चुकी है। एचएएल ने यह भी कहा कि उसे यह भी नहीं पता था कि मोदी सरकार ने पिछला सौदा रद्द कर फ्रांसीसी कंपनी दसॉ एविएशन के साथ नए सिरे से सौदा किया है।

एचएएल के चेयरमैन आर. माधवन ने कहा कि, "हमें पिछला सौदा रद्द किए जाने के बारे में नहीं मालूम था। हम राफेल पर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहते, क्योंकि अब हम इस सौदे का हिस्सा नहीं हैं।" माधवन ने कहा कि, "राफेल उन परियोजनाओं में से एक थी, जिसमें हम शामिल थे और यह हमारी एक मात्र परियोजना नहीं थी।" उन्होंने कहा कि राफेल सौदे में सरकार शामिल थी, इस वजह से हिन्दुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड इसकी कीमत और नीतियों को लेकर कोई भी टिप्पणी नहीं कर सकती है।"