वाशिंगटन. कोरोना संक्रमण (Coronavirus) से जूझ रहे अमेरिका (US) के लिए एक और बुरी खबर आ रही है. अमेरिका के कुछ इलाकों में सामने मधुमक्खी से 5 गुना बड़ी जानलेवा मक्खी (Hornets) नज़र आ रहीं हैं. ये हॉरनेट वेस्ट कोस्ट के इलाके में नज़र आयीं हैं. चिंता कि बात ये है कि ये न सिर्फ आकर में बड़ी हैं बल्कि जहरीली भी हैं. इसके काटने से इंसान की मौत भी हो जाती है. ये हर साल दुनिया भर में 60 लोगों की जान लेती हैं.

वैज्ञानिकों के मुताबिक ये हॉरनेट एशिया के भारी बारिश और उमस वाले जंगलों में पायीं जाती हैं. ये ट्रॉपिकल मौसम जैसे कि वियतनाम जैसे देशों के अनुकूल मानी जाती हैं, इसका अमेरिका में नज़र आना काफी आश्चर्य की बात है. इनके पंखों का फैलाव तीन इंच से ज्यादा होता है और ये खतरनाक जहर न्युट्रोक्सिन से लैस होती हैं.

बीते दिनों मधुमक्खी मापने वाले कॉनराड बेर्ब्यु नाम के एक आदमी को वेनकोवर आइलैंड पर इनके एक छत्ते को नष्ट करने के लिए भेजा गया था लेकिन उन्हें कई बार इन मक्खियों ने काट लिया. उधर मिरर की रिपोर्ट के मुताबिक इन मक्खियों की ख़बरें सामने आने के बाद इलाके के लोग इन्हें दैवीय आपदा मान रहे हैं. लोग इनकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर शेयर कर इन्हें कोरोना के बाद ईश्वर की अन्य सजा बता रहे हैं.

दवाओं से बचे लेकिन चलने में होती है दिक्कत

कॉनराड ने न्यूयॉर्क टाइम्स को बताया कि वे पूरी तैयारी के साथ गए थे इसलिए उन्होंने वक़्त पर खुद ही अपना इलाज कर लिया. साथ ही उन्होंने बताया कि उन्होंने इन मक्खियों का छत्ता भी नष्ट कर दिया. कॉनराड बताते हैं कि जब उन्होंने डंक मारा तो मुझे लगा कि शरीर में किसी ने गरम किसी चीज़ को भर दिया हो. उन्होंने बताया कि भले ही वे ठीक हैं लेकी अभी भी उन्हें चलने में दिक्कत हो रही है और पैरों में काफी दर्द है.

हालांकि एंटोमॉलोजिस्ट का मानना है कि ये इंसानों से ज्यादा शहद बनाने वालीं मधुमक्खियों के लिए खतरा हैं. बीते महीने ब्रिटेन में भी इसी तरह की हॉरनेट नज़र आयीं थीं और उनसे निपटने के लिए करीब 70 करोड़ रुपए खर्च करने पड़े थे. ऐसे में अमेरिका में अगर ये फैलती हैं तो और भी ज्यादा बड़ा खर्चा करना होगा. आखिरी बार इन्हें यूरोप के कुछ देशों में साल 2004 में देखा गया था लेकिन तब इनकी संख्या काफी कम थी. वैज्ञानिकों के मुताबिक ये हर दिन 60 से 80 किलोमीटर तक के इलाके में फ़ैल जाती हैं और नए घर बनाती हैं.