बर्लिन:जर्मन चांसलर एंजेला मर्केल ने अब आधिकारिक कार्यक्रमों में हिस्सा लेने के दौरान मास्क पहनना शुरू कर दिया है. दरअसल उनसे हाल ही में पूछा गया था कि कोरोना वायरस संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए मास्क पहनना सरकारी दिशा-निर्देश का हिस्सा है, इसके बावजूद वह कभी मास्क पहने नजर क्यों नहीं आती हैं ? बर्लिन में शुक्रवार को संसद के ऊपरी सदन में मर्केल काले रंग का मास्क पहनकर आईं. हालांकि, सदन में अपने तय स्थान पर बैठने के बाद उन्होंने मास्क उतार दिया. एक दिन पहले, बृहस्पतिवार को भी राज्य के गवर्नर के साथ बैठक में वह ऐसा की काला मास्क पहने नजर आई थीं.

गौरतलब है कि सोमवार को एक पत्रकार ने मर्केल से सवाल किया था कि वह कभी मास्क पहने हुए नहीं दिखती हैं. इस पर मर्केल ने कहा था, 'अगर मैं दो गज की दूरी के नियम का पालन करती हूं तो मुझे मास्क पहनने की जरुरत नहीं है.' उन्होंने कहा, 'अगर मैं उसका पालन नहीं कर पाती हूं....उदाहरण के लिए जब मैं शॉपिंग के लिए जाती हूं, लेकिन हम वहां नहीं मिलते हैं, वरना आपने मुझे मास्क पहने हुए जरूर देखा होगा. लेकिन अब आप मुझसे यह नहीं जान सकेंगे कि मैं शॉपिंग करने कहां जाती हूं.' राजनीति में आने से पहले पेशे से वैज्ञानिक रह चुकीं मर्केल बार-बार जर्मनी के लोगों को बता चुकी हैं कि देश में भले ही कोविड-19 के मामलों में काफी कमी आ गई है, लेकिन इसे वापस लौटने से रोकने के लिए एहतियात बरतना होगा. जर्मनी में अप्रैल से ही सार्वजनिक परिवहन, दुकानों और अन्य जगहों पर मास्क पहनना अनिवार्य है.

छह महीने के लिए ईयू की कमान
वहीं, जर्मनी ने कोरोना संकट के बीच अगले छह महीने के लिए यूरोपीय संघ (ईयू) की अध्यक्षता करने की कमान अपने हाथों में ली है. पहले यह जिम्मेदारी क्रोएशिया के पास थी. चांसलर एंजेला मर्केल ने जर्मन संघीय संसद बुंडेस्टैग में अपने भाषण के दौरान यह बात कही. मर्केल ने बुधवार को कहा, निश्चित रूप से, हमारी अध्यक्षता कोरोनोवायरस महामारी द्वारा चिह्न्ति किया जाएगा, यह इसे रोकने और इसके परिणामों से निपटने के प्रयासों के बारे में होगा. उन्होंने जोर देकर कहा कि यूरोपीय परिषद इस बात से सहमत है कि विशेष समाधानों की जरूरत है. समाचार एजेंसी सिन्हुआ ने चांसलर के हवाले से कहा, कोविड-19 महामारी ने हम सबको प्रभावित किया है. मर्केल ने आगाह किया कि ईयू के सदस्य देशों की स्थिति व्यापक रूप से अभी भी अलग-अलग व विरोधाभासी है. कोविड-19 संकट के अलावा, यूरोपीय संघ परिषद ब्रेक्सिट, प्रवासन के साथ-साथ जलवायु संरक्षण सहित कई गंभीर चुनौतियों को देख रहा है.
 

'कोरोना संकट के अलावा अन्य मुद्दे'
अपने भाषण में, मर्केल ने जोर देकर कहा कि कोरोनोवायरस संकट के अलावा अन्य मुद्दे भी हैं. उन्होंने कहा, अगले छह महीनों में, हम न केवल संकट प्रबंधन के साथ आगे बढ़ना चाहते हैं, बल्कि इस बात पर भी गहनता से काम कर रहे हैं कि हम भविष्य में जलवायु संरक्षण, डिजिटल संप्रभुता और दुनिया में यूरोप की भूमिका के प्रमुख मुद्दों को कैसे आकार दे सकते हैं. मई में, यूरोपीय आयोग ने कोरोनोवायरस संकट के बाद यूरोप के आर्थिक सुधार के लिए 750 अरब यूरो (844 अरब डॉलर) के सहायता पैकेज का प्रस्ताव किया था.