सीकर: कुख्यात माफिया आनन्दपाल की मौत के बाद गैंग की कमान संभाल रहा सुभाष बराल तो खुद आनंदपाल से भी ज्यादा शातिराना तरीके से काम कर रहा है। सीकर में राजू ठेहठ गेंट के सुखदेव जाट पर लगभग एक माह पहले फायरिंग करने वाले आरपियों से पुलिस पुछताछ में यह सामने आया है। बराल ना केवल जेल से फायरिंग करने वालों को निर्देश दे रहा था, बल्कि पल-पल की रिपोर्ट भी ले रहा था। यह इससे भी समझा जा सकता है कि पुलिस ने बाकायदा फायरिंग के मुकदमें में सुभाष बराल को भी नामजद किया है और उसे प्रोडक्शन वारंट से जल्द ही गिरफ्तार कर सीकर लाया जाएगा।

इतना है शातिराना अंदाज 
जिस गाडी को लेकर बराल गैंग के गुर्गों ने फायरिंग की थी, सुभाष बराल ने ही उपलब्ध करवाई थी। उसने गैंग के गुर्गों को निर्देश दिया कि नीम का थाना से आगे पाटन रोड पर ईटीओज गाडी मिलेगी। जब गुर्गे वहां पहुंचे तो पहले से गाडी खडी थी, अन्दर कोई आदमी नहीं थी लेकिन चाबी लगी हुई थी। यानि गुर्गों को यह भी अंदाजा नही लग पाया कि गाडी किसकी है और कौन छोड कर गया है। पांचों गुर्गे गाडी लेकर चले गए और बराल के निर्देशानुसार अपनी  गाडी उसी अंदाज में चाबी लगाकर मौके पर छोड गए।

गुर्गे ही कर गए गलती
सदर थाने में रिमांड पर चल रहे अनिल उर्फ भोला, हरलाल उर्फ हरिया, मुकेश मीणा, श्रवण जाट भैंरूपुरा व देवेश पारीक ने बराल के निर्देशों के अनुसार गलती कर दी थी, वरना सुखदेव की हत्या तय थी। गुर्गे शराब के नशे में थे और इसलिए निर्देशानुसार सुखदेव को बाहर बुलाने की बजाए घर पर फायरिंग शुरू कर दी थी। इसके अलावा गुर्गे डर भी गए थे कि सुखदेव के पास भी हथियार हो सकते हैं, इसलिए उनकी घर के अन्दर घुसने की हिम्मत नहीं हो पाई थी ।