इस्लामाबाद: पाकिस्तानी सेना ने आईएसआई के पूर्व प्रमुख असद दुर्रानी को भारतीय खुफिया एजेंसी रॉ के पूर्व प्रमुख एएस दौलत के साथ पुस्तक का लेखन करने के लिए तलब किया और उन पर सैन्य आचार संहिता का उल्लंघन करने का आरोप लगाया, लेफ्टिनेंट जनरल(सेवानिवृत्त) दुर्रानी ने दौलत और पत्रकार आदित्य सिन्हा के साथ किताब ‘द स्पाई क्रॉनिकल्स: रॉ,आईएसआई एडं द इल्यूशन ऑफ पीस’ का सहलेखन किया है, पुस्तक का विमोचन बुधवार को हुआ है,

पाकिस्तानी सेना ने शुक्रवार रात एक बयान जारी किया जिसमें कहा गया कि दुर्रानी (77) को 28 मई को जनरल मुख्यालय (जीएचक्यू) में बुलाया गया है और उनसे स्थिति स्पष्ट करने को कहा जाएगा, बयान के अनुसार, ‘इसे सैन्य आचार संहिता का उल्लंघन माना जाता है जो सेना के सभी सेवारत तथा सेवानिवृत्त जवानों पर लागू होती है,’पद से हटाए गए पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने पुस्तक की विषयवस्तु पर चर्चा के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा समिति(एनएसए) की आपात बैठक बुलाने की मांग की थी जिसके बाद दुर्रानी को तलब किया है, 

किताब में किए गए कई खुलासे
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार दुर्रानी ने पुस्तक में कहा है कि एबटाबाद में ओसामा बिन लादेन के खिलाफ अमेरिकी नेवी सील कमांडोज की कार्रवाई के लिए तत्कालीन प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी को पूरी तरह से विश्वास में लिया गया था और अमेरिका तथा पाकिस्तानी सरकार के बीच इस बारे में विशेष समझौता हुआ था, उन्होंने यह भी राय रखी कि पाकिस्तान ने भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव के मामले को ठीक तरह से संभाला नहीं, 

पुस्तक  संवाद शैली में लिखी गई है
पुस्तक दो जासूस सरगनाओं के बीच संवाद शैली में लिखी गई है, इसमें एनएसए अजीत डोभाल के कामकाज की शैली समेत विभिन्न विषयों पर चर्चा की गई है, पुस्तक में कश्मीर मुद्दे , कुलभूषण जाधव , बलूचिस्तान और सर्जिकल स्ट्राइक समेत भारत पाकिस्तान के बीच विभिन्न विवादास्पद मुद्दों पर चर्चा की गई है, पुस्तक का विमोचन दिल्ली में किया गया, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी और पूर्व केंद्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा और कुछ अन्य लोगों ने संयुक्त रूप से विमोचन किया, 

दुर्रानी विमोचन कार्यक्रम में भाग नहीं ले सके
असद दुर्रानी इस कार्यक्रम में हिस्सा नहीं ले सके क्योंकि उन्हें भारतीय वीजा नहीं मिला, कार्यक्रम में सुनाए गए पहले से रिकॉर्डिड एक संदेश में उन्होंने कहा, ‘अंत में भारत सरकार को बहुत बहुत शुक्रिया, मुझे वीजा नहीं देकर उन्होंने मुझे हमारे देश में होने वाले कोपभाजन से बचा लिया, उन्हें यह जानकर खुशी होगी कि मुझे साउथ ब्लॉक (यहां पीएमओ , रक्षा मंत्रालय और विदेश मंत्रालय का कार्यालय है) ने अब भी दोषमुक्त नहीं किया है,