बीकानेर:श्रीगंगानगर हाइवे पर जामसर और जगदेववाला के बीच कार-ट्रक की भिड़ंत में भाजपा के पूर्व देहात अध्यक्ष सहीराम दुसाद, उनकी मां और चाची की माैत हाे गई। दुर्घटना के बाद ट्रक के चालक-खलासी माैके पर गाड़ी छाेड़कर फरार हाे गए। दुसाद अपने करीबी मित्र की मां के निधन पर शोक जताकर परिवार समेत लौट रहे थे।

जामसर एसएचओ गाैरव खिड़िया ने बताया कि सहीराम दुसाद (54), मां चिमना देवी (68), चाची कमला देवी (64) और पिता रामचंद्र दुसाद के साथ करीबी दोस्त की मां के निधन पर लूनकरणसर उनके निवास पर बैठने गए थे। रामचंद्र वहीं रुक गए। उधर, साेमवार काे दिन में तीनाें कार में सवार हाेकर वापस बीकानेर लाैट रहे थे। दोपहर करीब एक बजे जामसर-जगदेववाला गांव के बीच सामने से आ रहे ट्रेलर से कार टकरा गई। भिड़ंत इतनी जबर्दस्त थी कि कार के परखच्चे उड़ गए।

तीनाें को गंभीर हालत में पीबीएम अस्पताल ले जाया गया। वहां डाॅक्टरों ने सहीराम और चाची कमला देवी काे मृत घाेषित कर दिया। शाम को उनकी मां चिमना देवी ने भी इलाज के दाैरान दम ताेड़ दिया। वहीं, दुर्घटना के बाद चालक-खलासी ट्रेलर छोड़कर माैके से फरार हाे गए।

गाैरतलब है कि भाजपा के पूर्व देहात अध्यक्ष सहीराम कृषि उपज मंडी में चेयरमैन भी रहे। पिछले विधानसभा चुनाव में उन्हाेंने लूनकरणसर से अपनी दावेदारी भी जताई थी। उनकी मृत्यु की जानकारी मिलने पर भाजपा के नेता-कार्यकर्ता और पुलिस अधिकारी भी पीबीएम अस्पताल पहुंच गए।

दुसाद की मां चिमना देवी

दुसाद की मां चिमना देवी

पैतृक गांव सत्तासर में शोक, बीकानेर में अंतिम संस्कार आज

भाजपा के पूर्व देहात अध्यक्ष सहीराम दुसाद मूल रूप से छत्तरगढ़ के सत्तासर के रहने वाले थे। वर्तमान वेटरनरी काॅलेज के पास गांधी काॅलाेनी में निवास है। हादसे की जानकारी मिलते ही उनके पैतृक गांव सत्तासर के लाेग गमगीन हाे गए। तीनों का अंतिम संस्कार मंगलवार को बीकानेर में होगा।

शोक में आज अनाज मंडी बंद: भाजपा नेता अनाज मंडी के पूर्व चेयरमैन सहीराम दुसाद के सड़क दुर्घटना में आकस्मिक निधन से अनाज मंडी में शाेक छा गया। बीकानेर कच्ची अाढ़त व्यापार संघ के संरक्षक व पूर्व अध्यक्ष माेतीलाल सेठिया ने बताया कि दुसाद ने अनाज मंडी तथा पूगल राेड स्थित गाैण मंडी में काफी विकास कार्य करवाए। मंत्री नंदकिशाेर राठी ने बताया कि दुसाद के निधन के कारण मंगलवार काे बाेली व अनाज मंडी बंद रहेगी।

जिन दुसाद को मूल आवास से विस्थापित होना पड़ा...वही बाद में भाजपा देहात के मुखिया बन गए

पॉलिटिकल रिपोर्टर| बीकानेर भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष सहीराम दुसाद का जीवन संघर्ष भरा रहा। महाजन फील्ड फायरिंग रेंज के लिए जब जमीन एक्वायर की जा रही थी तो उसी के दायरे में उनका मूल आवास भी आ गया। जमीन जाने के बाद उन्होंने अपना मूल आवास सत्तासर को बनाया। मूलतः आढ़त व्यापारी रहे दुसाद कृषि उपज मंडी के चेयरमैन भी रहे।

2013 में लूनकरणसर विधानसभा चुनाव में भाजपा से टिकट की दावेदारी जताई, लेकिन पूर्व मंत्री देवीसिंह भाटी ने सुमित गोदारा की मजबूत पैरवी की, लिहाजा टिकट गोदारा को मिल गया। तब पार्टी ने दुसाद को आश्वस्त किया था, चुनाव बाद उन्हें बड़ी जिम्मेदारी दी जाएगी। 2016 में उन्हें भाजपा का देहात जिला अध्यक्ष बनाया गया।

2019 तक तीन साल वे इसी पद पर रहे। वो ऐसे नेता थे, जिनके संबंध सभी राजनीतिक दलों में थे। वह जितना करीब पूर्व नेता प्रतिपक्ष रामेश्वर डूडी के थे, उतने ही अच्छे संबंध वसुंधरा राजे से भी थे। यही पहलू उनकी राजनीतिक मजबूती थी तो यही कई बार कमजोरी बनी। दुसाध के निधन पर पूर्व मंत्री देवीसिंह भाटी ने कहा कि राजनीति में वैचारिक मतभेद किसी से हो, लेकिन दुसाद ने पहचान किसान नेता के रूप में बनाई थी। सभी पार्टियों से गहरे रिश्ते उनकी राजनीतिक स्थिति को बयां करते हैं।