जयपुर, भारतीय रेलवे द्वारा मानवरहित समपार फाटकों पर होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिये विगत वर्षों में महत्वपूर्ण कदम उठाये गये है। रेलवे सभी मानव रहित समपार फाटकों को समाप्त की कार्ययोजना पर कार्य कर रहा हैं। इसके लिये इस रेलवे पर मानवरहित समपार फाटकों को मानवसहित करना, मानवरहित समपार फाटकों को सबवे, सीमित ऊचाई के पुल तथा सडक के ऊपरी पुल बनाकर बन्द करने के कार्य किये जा रहे है, जिसके फलस्वरूप इन पर होने वाली दुर्घनाओं में अपेक्षित कमी आई है।

उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी तरूण जैन के अनुसार इसी कड़ी में उत्तर पश्चिम रेलवे द्वारा वर्ष 2017-18 में जनवरी माह तक 170 रेल समपारों को बंद किया गया। इस वर्ष इस उत्तर पश्चिम रेलवे पर 173 सब वे तथा 12 आरओबी का निर्माण किया गया है। उत्तर पश्चिम रेलवे का लक्ष्य है कि आगामी 3-4 वर्षों में सभी मानवरहित समपार फाटकों को समाप्त किया जा सकें। इसके लिये रेलवे के बी रूट जयपुर-सवाई माधोपुर तथा रेवाडी-पालनपुर पर स्थित सभी मानवरहित समपारों को बंद करने का लक्ष्य को प्राप्त करते हुये सभी मानवरहित समपारो को खत्म कर दिया गया है।

वर्ष 2016-17 में 163 Subway/RUBs/LHS] 10 ROB का निर्माण कर 148 समपारों को बंद किया गया था। रेलवे भी मानवरहित समपार फाटकों पर होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिये सदैव प्रतिबद्ध है। सड़क उपयोगकत्र्ताओं से अनुरोध है मानव रहित समपार फाटक पर सदैव नियमों का पालन करें और सुरक्षित रहें। फाटक से कम से कम 20 मीटर पहले अपने वाहन को रोककर दायें एवं बायें देखकर तथा गाड़ी आने की आवाज सुनकर सुनिश्चित करें कि कहीं ट्रेन तो नहीं आ रही है।

फाटक पार करते समय मोबाईल व ईयरफोन का प्रयोग ना करें, ना ही वाहन में तेज आवाज में म्यूजिक चलायें। पूर्ण रूप से सुनिश्चित होने पर ही समपार फाटक पार करें एवं सुरक्षित रहें। रेलवे का यह प्रयास है कि आने वाले वर्षों में सभी मानवरहित समपार फाटकों को मानवसहित, सीमित ऊचाई के पुल, सबवे तथा सड़क ऊपरी पुलों का निर्माण कर बन्द करने का है, ताकि सड़क उपयोगकत्र्ताओं की लापारवाही से होने वाली दुर्घटनाओं को रोका जा सकें।