नई दिल्ली, भारत और श्रीलंका के बीच चल रही तीन मैचों की टेस्ट सीरीज का अन्तिम मैच शनिवार से शुरू होगा। इस मैच के माध्यम से भारतीय टीम के पास विदेश में पहली बार लगातार तीन टेस्ट मैच जीतने का सुनहरा मौका है। विराट कोहली की अगुवाई वाली टीम ने श्रीलंका के खिलाफ तीन टेस्ट मैचों की शृंखला के पहले दोनों मैच आसानी से जीते हैं और अगर वह पल्लेकल में भी अपना विजयी अभियान बरकरार रखती है तो फिर यह पहला अवसर होगा जबकि भारतीय टीम विदेशी सरजमीं पर तीन टेस्ट मैचों की शृंखला में क्लीन स्वीप करेगी।

भारत ने इससे पहले केवल एक बार विदेशी धरती पर किसी शृंखला में तीन टेस्ट मैच जीते। मंसूर अली खां पटौदी की अगुवाई वाली टीम ने फरवरी-मार्च 1968 में न्यूजीलैंड को चार टेस्ट मैचों की शृंखला में 3-1 से हराया था। इस दौरान हालांकि टीम ड्यूनेडिन में पहला टेस्ट मैच जीतने के बाद क्राइस्टचर्च में दूसरा टेस्ट मैच हार गई थी। इसके बाद भारत ने वेलिंगटन और ऑकलैंड टेस्ट जीते थे। अगर हम विदेशों में क्लीन स्वीप की बात करें तो भारत अब तक केवल बांग्लादेश और जिम्बाब्वे के खिलाफ ही यह करिश्मा कर पाया है, लेकिन तब शृंखला एक या फिर दो टेस्ट मैचों तक सीमित थी।

वर्तमान शृंखला में भारत ने गाले में खेले गए पहले टेस्ट मैच में श्रीलंका को 304 रन और कोलंबो में दूसरे टेस्ट मैच में पारी और 53 रन से पराजित किया था। भारतीय टीम की बेहतरीन फार्म को देखते हुए पल्लेकल में भी वह जीत के प्रबल दावेदार के रूप में उतरेगी। भारत इससे पहले कभी पल्लेकल में टेस्ट मैच नहीं खेला है जबकि श्रीलंका ने यहां जो पांच टेस्ट मैच खेले हैं उनमें से एक में उसे हार और एक में जीत मिली है जबकि बाकी तीन मैच ड्रॉ रहे हैं। भारत ने पल्लेकल में हालांकि एक वनडे और एक टी-20 मैच खेला है और दोनों में उसने जीत दर्ज की है।