खेल डेस्क. तेज गति का खेल होने के कारण फुटबॉल को युवा खिलाड़ियों के लिए ज्यादा मुफीद माना जाता है। हालांकि फुटबॉल वर्ल्ड कप के लिए रूस आ रहे 736 खिलाड़ियों में 19 से 45 साल तक के खिलाड़ी शामिल हैं। ऑस्ट्रेलिया के मिडफील्डर डेनियल अरजानी सबसे युवा तो मिस्र के गोलकीपर एसाम अल-हैदरी सबसे बुजुर्ग खिलाड़ी हैं। अल-हैदरी पहली बार वर्ल्ड कप खेलेंगे। सबसे ज्यादा उम्र में फीफा वर्ल्ड कप खेलने का रिकॉर्ड अभी कोलंबिया के गोलकीपर रहे फरीद मोंद्रागन के नाम है। वे 43 साल के हैं।

सबसे उम्रदराज फुटबॉलर बन जाएंगे अल-हैदरी

- मिस्र के अल-हैदरी को मैच में उतरने का मौका मिला तो वे फीफा वर्ल्ड कप के अब तक के इतिहास के सबसे उम्रदराज खिलाड़ी बन जाएंगे। 45 साल के अल-हैदरी सबसे उम्रदराज गोलकीपर भी हैं। अल-हैदरी सेनेगल के कोच एलियो सिसे, सर्बिया के म्लाडेन क्रसटैजिक और बेल्जियम के रोबर्टो मार्टिनेज से भी उम्र में बड़े हैं।

- अल-हैदरी ने अब तक 158 अंतरराष्ट्रीय और 11 क्लबों के लिए 754 मैच खेले हैं। उनकी कमाई 2.8 करोड़ रुपए है।

वर्ल्ड कप खेलने वाले टॉप-6 उम्रदराज फुटबॉलर

खिलाड़ी देश विश्व कप में खेलते समय उम्र साल
एसाम अल-हैदरी* मिस्र 45 साल 5 महीने 2018
फरीद मोंद्रागन कोलंबिया 43 साल 2014
रोजर मिल्ला कैमरून 42 साल 1 महीने 1994
पैट जेनिंग्स नार्दर्न आयरलैंड 41 साल 1986
पीटर शिल्टन इंग्लैंड 40 साल 9 महीने 1990
डिनो जोफ इटली 40 साल 4 महीने 1982

* अल-हैदरी इस बार अपना पहला वर्ल्ड कप खेलेंगे।

इस वर्ल्ड कप में 7 खिलाड़ी 20 साल से कम के, 19 साल के अरजानी सबसे युवा

- फ्रांस के किलियन मबाप्पे, इंग्लैंड के ट्रेंट एलक्जेंडर अर्नोल्ड, मोरक्को के अशरफ हकिमी, नाइजीरिया के फ्रांसिस उजोहो, पनामा के जोस लुईस रोड्रिगेज, सेनेगल के मउसा वाग और ऑस्ट्रेलिया के डेनियल अरजानी सभी 20 साल से कम उम्र के हैं।

- इनमें अरजानी (19 साल 4 महीने) विश्वकप के सबसे युवा खिलाड़ी हैं। उन्होंने अब तक कुल 51 मैच खेले हैं। इनमें से 50 मैच क्लब टीम के लिए और एक ऑस्ट्रेलिया के लिए खेला है। उनकी कमाई 36 लाख रुपए है। वहीं, फ्रांसिसी उजोहो सबसे युवा गोलकीपर हैं।

- सबसे कम उम्र में फीफा वर्ल्ड कप खेलने का रिकॉर्ड नार्दर्न आयरलैंड के नॉर्मन व्हाइटसाइड के नाम है। बेलफास्ट में जन्में इस मिडफील्डर ने पहली बार 1982 में फुटबॉल वर्ल्ड कप में यूगोस्लाविया के खिलाफ मैच में भाग लिया था। तब वे महज 17 साल, 1 महीने और 10 दिन के थे।

वर्ल्ड कप खेलने वाले टॉप-5 सबसे युवा फुटबॉलर

खिलाड़ी देश विश्व कप में खेलते समय उम्र साल
नॉर्मन व्हाइटसाइड नार्दर्न आयरलैंड 17 साल 1 महीने 10 दिन 1982
सैमुअल इट्ओ कैमरून 17 साल 3 महीने 07 दिन 1998
फेनी ओपाबुमनी नाइजीरिया 17 साल 3 महीने 09 दिन 2002
सोलोमन ओलेम्बे कैमरून 17 साल 6 महीने 03 दिन 1988
पेले ब्राजील 17 साल 7 महीने 23 दिन 1958

पनामा सबसे बुजुर्ग तो नाइजीरिया सबसे युवा टीम

- रूस पहुंचीं 32 टीमों में पनामा सबसे बुजुर्ग टीम है। उसकी औसत आयु 29.6 (29 साल 236 दिन) साल है। पनामा की टीम पहली बार वर्ल्ड कप में खेल रही है। उसके बाद कोस्टारिका 29.6 (29 साल 220 दिन) और मेक्सिको (29.4) है। दुनिया के स्टार फुटबॉलर लियोनल मेसी की टीम अर्जेंटीना इस सूची में चौथे स्थान पर है। उसके खिलाड़ियों की औसत उम्र 29.3 साल है।

- नाइजीरिया 25.9 साल की औसत उम्र के साथ सबसे युवा टीम है। उसके बाद एंटोनियो ग्रीजमैन की टीम फ्रांस दूसरे और हैरी केन की टीम इंग्लैंड तीसरे नंबर पर है। फ्रांस और इंग्लैंड की औसत उम्र 26 साल है।

- पिछली बार की चैम्पियन जर्मनी के खिलाड़ियों की औसत उम्र 27.1 साल है। स्टार फुटबॉलर क्रिस्टियानो रोनाल्डो की पुर्तगाल 28.4 साल की औसत उम्र के साथ 12वें और 2010 की चैम्पियन स्पेन 28.5 साल की औसत उम्र के साथ 11वें नंबर पर है।

पहली बार वर्ल्ड कप खेल रही पनामा सबसे उम्रदराज, नाइजीरिया सबसे युवा टीम

टीम औसत उम्र
पनामा 29 साल 236 दिन
कोस्टारिका 29 साल 220 दिन
मेक्सिको 29 साल 146 दिन
अर्जेंटीना 29 साल 110 दिन
नाइजीरिया 25 साल 328 दिन

इस वर्ल्ड कप में जिन खिलाड़ियों पर नजरें, उनमें रोनाल्डो की उम्र सबसे ज्यादा

खिलाड़ी देश उम्र अंतरराष्ट्रीय मैच और गोल कमाई (रुपए में)
क्रिस्टियानो रोनाल्डो पुर्तगाल 33 साल 185 मैच, 81 गोल 730 करोड़
लियोनेल मेसी अर्जेंटीना 31 साल 124 मैच, 64 गोल 750 करोड़
नेमार जूनियर ब्राजील 26 साल 84 मैच, 54 गोल 608 करोड़

पेनाल्टी शूटआउट में जर्मनी और अर्जेंटीना आगे तो इंग्लैंड पीछे

- पेनाल्टी शूटआउट के जरिए सबसे ज्यादा जीत का रिकॉर्ड फिलहाल संयुक्त रूप से जर्मनी और अर्जेंटीना के नाम पर है। दोनों ने अब तक 4 बार पेनाल्टी शूटआउट से जीत दर्ज की है। जर्मनी ने 1982, 1986, 1990 और 2006 में ऐसा किया था। वहीं अर्जेंटीना ने 1990 में दो बार पेनाल्टी शूटआउट से जीत दर्ज की। इसके अलावा 1998 और 2014 में भी उसको पेनाल्टी शूटआउट से जीत हासिल हुई थी।

- पेनाल्टी शूटआउट में जर्मनी का रिकॉर्ड अब तक शत प्रतिशत रहा है। वह 4 बार पेनल्टी शूटआउट में पहुंचा और चारों बार जीता। वहीं अर्जेंटीना को एक बार पेनाल्टी शूटआउट में हार का सामना करना पड़ा है। वह 2006 के क्वार्टर फाइनल में जर्मनी के हाथों हार गया था।

- पेनाल्टी शूटआउट में सबसे ज्यादा बार हारने का रिकॉर्ड इंग्लैंड और इटली के नाम है। इटली इस बार नहीं खेल रही है लेकिन अगर इंग्लैंड ने इस बार कोई मुकाबला पेनाल्टी शूटआउट में गंवाया तो उसका रिकॉर्ड बरकरार रहेगा।

उरुग्वे-इंग्लैंड के पास इटली का रिकॉर्ड तोड़ने का मौका

- दो वर्ल्ड कप जीतने का सबसे बड़ा अंतर फिलहाल दो बार की वर्ल्ड चैम्पियन इटली के नाम है। इटली ने पहली बार 1938 में खिताब जीता था। दूसरी बार वर्ल्ड चैम्पियन बनने में उसे 44 साल लग गए। 1938 के बाद इटली 1982 में चैम्पियन बनी थी। हालांकि इस बार के लिए इटली क्वालीफाई नहीं कर सकी है।

- इस बार यह रिकॉर्ड तोड़ने के दो दावेदार उरुग्वे और इंग्लैंड हैं। उरुग्वे 1950 के बाद से वर्ल्ड चैम्पियन नहीं बन सका है। इसी तरह 1966 में पहली बार विश्व विजेता बनी इंग्लैंड भी आज तक इस ट्राफी पर दोबारा कब्जा नहीं कर सकी है। अगर इन दोनों में से कोई भी टीम खिताब जीतती है तो सबसे ज्यादा साल के अंतर में दोबारा वर्ल्ड कप जीतने का नया रिकॉर्ड बन जाएगा।