रायपुर: गाय-भैंस खोने का मामला तो आपने खूब सुना होगा, कई बार लोग अपने कुत्‍ते के खोने या गुम हो जाने की शिकायत भी पुलिस में करते हैं, लेकिन क्‍या आपने कभी मुर्गे की किडनैपिंग का केस सुना है? छत्‍तीसगढ़ के दुर्ग में एक ऐसा ही मामला सामने आया है, पुलिस से यहां एक पिता की कंप्‍लेन दर्ज की है जिसने अपने मुर्गे की किडनैपिंग के लिए बेटे के खिलाफ शिकायत की है, पीड़ित को मुर्गा उसके असली बेटे से भी ज्यादा प्यारा है, मुर्गा अपने मालिक को सुबह आवाज देकर उठाता था और मालिक का हर इशारा समझता था, 

खबर के मुताबिक, सेक्टर 1 बचत चौक निवासी छोटेलाल निषाद ने थाने में शिकायत करते हुए बताया कि वो महज, मुर्गा नहीं, मेरा बेटा ही नहीं बल्कि मेरे कलेजे का टुकड़ा था, उसे देखकर ही मैं जिंदा रहता था लेकिन मेरे अपने सगे बेटे शम्भू ने ही उसका अपहरण कर लिया और वो गायब है, मेरे बेटे को पकड़कर जेल में बंद कर दीजिए और मेरा मुर्गा दिला दीजिए, 

पीडि़त छोटे लाल का कहना है कि बड़े लाड़ प्यार से उस मुर्गे को पाला था, जब मुर्गा छोटा था 100 ग्राम का था तब से उसको पाला है, दो साल में उसे मुर्गे से दिल्लगी हो गई थी,  प्यार इतना अटूट की, वो मुर्गा इंसानी भाषा समझने लगा था, अपने बेटे से भी बढ़कर उस मुर्गे को छोटे लाल ने प्यार दिया था, लेकिन उसका शराबी बेटा घर से 5 हजार रुपये ओर उस जिगर के टुकड़े मुर्गे को लेकर फरार हो गया, पीड़ित की शिकायत पर भट्टी पुलिस शम्भू व उसके साथियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करके जांच कर रही है, पुलिस की मानें तो मामला परिवारिक है, 

पीड़ित का कहना है कि उसके कलेजे के टुकड़ा यानी मुर्गे को मार के खाने वाले बेटे को सजा मिले, क्योंकि उसको ऐसा लगता है कि उसका बेटा मुर्गा खा गया है, आरोपी बेटा शराब के नशे में गाली गलौच कर रहा था लेकिन उसके पास मुर्गा नहीं था,