जयपुर, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री सुरेन्द्र गोयल ने शुक्रवार को विधानसभा में आश्वस्त किया कि सीकर जिले की फतेहपुर तहसील और लक्ष्मणगढ़ क्षेत्र की पेयजल समस्या के सतही स्रोत से स्थाई समाधान के लिए स्वीकृत की गई फतेहपुर-लक्ष्मणगढ़ परियोजना को आगामी 30 जून, 2018 तक पूर्ण करने के प्रयास किया जाएगा। गोयल ने शून्यकाल में इस संबंध में उठाये गये मुद्दे पर हस्तक्षेप करते हुए बताया कि फतेहपुर-लक्ष्मणगढ परियोजना के लिए 832.00 करोड़ रुपए की स्वीकृति जारी की जा चुकी है।

इस परियोजना से जिला सीकर के तहसील फतेहपुर एवं लक्ष्मणगढ के 283 गांव एवं 3 शहरों (फतेहपुर, लक्ष्मणगढ़ एवं रामगढ़) को लाभान्वित किया जाना प्रस्तावित है। उन्होंने कहा कि सम्पूर्ण योजना के सभी पैकेजों के कार्यादेश की राशि रुपए 738.06 करोड़ है तथा अन्तिम रूप से पूर्ण करने की निर्धारित तिथि मई 2016 थी। योजना पर कार्यादेश राशि के विरूद्ध माह फरवरी, 2018 तक कुल लगभग 644.18 करोड़ रुपए व्यय कर 86 प्रतिशत कार्य पूर्ण किया जा चुका है।

जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री ने बताया कि योजना के निर्माण में विभिन्न कारणों जैसे की भूमि आवंटन, रॉ वाटर रिजरवायर निर्माण के लिए भूमि का चयन, विभिन्न एजेंसियों से अनुमति, पाइपलाइन के रास्तों में अतिक्रमण तथा निर्माणकर्ता एजेन्सियों के स्तर पर धीमी प्रगति रहा है। धीमी प्रगति के कारण विभिन्न निर्माण एजेन्सियों पर रू 23.37 करोड़ की अस्थाई शास्ति भी लगाई गई है। उन्होंने आश्वस्त किया कि सम्पूर्ण योजना को 30 जून 2018 तक पूर्ण किया जाना संभावित है।