जयपुर: देश के आम बजट में इस बार खेती किसानी प्राथमिकता पर रही. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भूमि पूत्रों पर खासी मेहरबानी दिखाई और किसान को सशक्त बनाने के लिए कई योजनाओं का ऐलान किया. सियासी मकसद जो भी लेकिन केंद्र सरकार इस बात को अच्छे से जानती है कि वोट लेने से लेकर अर्थव्यवस्था की पटरी तक किसान की भूमिका भारत में सबसे अहम है. यही कारण है कि मंदी के दौर में भी किसान को आत्मनिर्भर बनाने पर फोकस रहा है.

सरकार का लक्ष्य किसानों की आय दोगुना करना: 
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि सरकार की ओर से कृषि विकास योजना को लागू किया गया है, पीएम फसल बीमा योजना के तहत करोड़ों किसानों को फायदा पहुंचाया गया. सरकार का लक्ष्य किसानों की आय दोगुना करना है. किसानों के लिए बड़ा ऐलान करते हुए निर्मला सीतारमण ने कहा कि हमारी सरकार किसानों के लिए 16 सूत्रीय फॉर्मूले का ऐलान करती है, जिससे किसानों को फायदा पहुंचाएगा. कृषि भूमि पट्टा आदर्श अधिनियम-2016, कृषि उपज और पशुधन मंडी आदर्श अधिनियम -2017, कृषि उपज एवं पशुधन अनुबंध खेती, सेवाएं संवर्धन एवं सुगमीकरण आदर्श अधिनियम-2018 लागू करने वाले राज्यों को प्रोत्साहित किया जाएगा सीतारमण के बजट भाषण में किसानों के क्या कुछ खास रहा है. 

- मॉर्डन एग्रीकल्चर लैंड एक्ट को राज्य सरकारों द्वारा लागू करवाना.
- 100 जिलों में पानी की व्यवस्था के लिए बड़ी योजना चलाई जाएगी, ताकि किसानों को पानी की दिक्कत ना आए.
- पीएम कुसुम स्कीम के जरिए किसानों के पंप को सोलर पंप से जोड़ा जाएगा. इसमें 20 लाख किसानों को योजना से जोड़ा जाएगा. इसके अलावा 15 लाख किसानों के ग्रिड पंप को भी सोलर से जोड़ा जाएगा.
 - फर्टिलाइजर का बैलेंस इस्तेमाल करना, ताकि किसानों को फसल में फर्टिलाइजर के इस्तेमाल की जानकारी को बढ़ाया जा सके.
 - देश में मौजूद वेयर हाउस, कोल्ड स्टोरेज को नबार्ड अपने अंडर में लेगा और नए तरीके से इसे डेवलेप किया जाएगा. देश में और भी वेयर हाउस, कोल्ड स्टोरेज बनाए जाएंगे। इसके लिए PPP मॉडल अपनाया जाएगा. जिन किसानों के पास बंजर जमीन है, उस पर उन्हें सौर बिजली इकाइयां लगाने और अधिशेष बिजली सौर ग्रिड को बेचने में मदद की जाएगी.
 - महिला किसानों के लिए धन्य लक्ष्मी योजना, जिसके तहत बीज से जुड़ी योजनाओं में महिलाओं को मुख्य रूप से जोड़ा जाएगा.
 - कृषि उड़ान योजना को शुरू किया जाएगा. इंटरनेशनल, नेशनल रूट पर इस योजना को शुरू किया जाएगा.
- दूध, मांस, मछली समेत खराब होने वाली योजनाओं के लिए रेल भी चलाई जाएगी.
- किसानों के अनुसार से एक जिले, एक प्रोडक्ट पर फोकस किया जाएगा.
- जैविक खेती के जरिए ऑनलाइन मार्केट को बढ़ाया जाएगा.
- किसान क्रेडिट कार्ड योजना को 2021 के लिए बढ़ाया जाएगा.
- दूध के प्रोडक्शन को दोगुना करने के लिए सरकार की ओर से योजना चलाई जाएगी.
- मनरेगा के अंदर चारागार को जोड़ दिया जाएगा.
- ब्लू इकॉनोमी के जरिए मछली पालन को बढ़ावा दिया जाएगा. फिश प्रोसेसिंग को बढ़ावा दिया जाएगा.
- किसानों को दी जाने वाली मदद को  दीन दयाल योजना के तहत बढ़ाया जाएगा.
- जल्द खराब होने वाले उत्पादों की ढुलाई के लिये किसान ट्रेन का प्रस्ताव. 

सरकार ने फल और सब्जी जैसे जल्दी खराब होने वाले कृषि उत्पादों की ढुलाई के लिये किसान रेल का प्रस्ताव किया है. इसके तहत इन उत्पादों को रेफ्रिजरेटेड डिब्बों में ले जाने की सुविधा होगी. विशेष किसान रेलगाड़ियां सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) के तहत चलाने का प्रस्ताव है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वित्त वर्ष 2020-21 का बजट पेश करते हुए किसानों के लाभ के लिए कई उपायों का प्रस्ताव किया.

आम बजट में खेती किसानी पर खासा फोकस रखा गया:
उन्होंने कहा कि जल्द खराब होने वाले सामान के लिए राष्ट्रीय शीत आपूर्ति श्रृंखला के निर्माण को रेलवे पीपीपी मॉडल में किसान रेल बनाएगी. इससे ऐसे उत्पादों की ढुलाई तेजी से हो सकेगी. उन्होंने कहा कि सरकार का चुनिंदा मेल एक्सप्रेस और मालगाड़ियों के जरिये जल्द खराब होने वाले सामान की ढुलाई के लिये रेफ्रिजरेटेड पार्सल वैन का भी प्रस्ताव है. जल्द खराब होने वाले फल, सब्जियों, डेयरी उत्पादों, मछली, मांस आदि को लंबी दूरी तक ले जाने के लिये इस तरह की तापमान नियंत्रित वैन की जरूरत है. कुल मिलाकर कहा जा सकता है कि आम बजट में खेती किसानी पर खासा फोकस रखा गया है. इसके पीदे जो भी सियासी मकसद हो लेकिन केंद्र सरकार भली भांती जानती है कि किसान को सशक्त बनाकर ही अर्थव्यवस्था को मजबूत किया जा सकता है.