हेल्थ डेस्क, खाली पेट व्यायाम करने से वसा ऊतकों पर ज्यादा प्रभाव पड़ता है। इससे शरीर लंबे समय तक स्वस्थ्य रहता है। एक नए अध्ययन में वैज्ञानिकों ने यह बताया है। यूनिवर्सिटी ऑफ बाथ के शोधकर्ताओं ने इसके अध्ययन के लिए लोगों को दो समूहों में बांटा। एक समूह ने खाली पेट 60 मिनट तक वॉक किया, वहीं दूसरा समूह उच्च कैलोरी और भरपूर कार्बोहाइर्डेट का नाश्ता लेकर दो घंटे तक चला। इसके बाद दोनों समूहों के रक्त के नमूने लिए गए। इसमें देखा गया कि दोनों समूहों में वसा ऊतकों की जीन अभिव्यक्ति अलग-अलग मिली।

शोधकर्ताओं ने पाया, जिन लोगों ने खाली पेट व्यायाम किया था, उनमें दो जीन पीडीके 4 और एचएसएल की अभिव्यक्ति में वृद्धि हुई, वहीं जिन्होंने भारी नाश्ते के बाद व्यायाम किया था, उनमें जीन की अभिव्यक्ति में कमी देखी गई। जीन पीडीके 4 के बढ़ने का मतलब है कि व्यायाम के दौरान संग्रहीत वसा को चयापचय के दौरान इस्तेमाल किया गया।

बाथ यूनिवर्सिटी के शोधकर्ता डायलन थॉम्पसन ने कहा, एचएसएल तब बढ़ता है, जब वसा ऊतक व्यायाम जैसी गतिविधियों का समर्थन करने के लिए संग्रहीत ऊर्जा का उपयोग करते हैं। शोधकर्ताओं ने कहा कि इस शोध से यह पता चलता है कि खाने के बाद व्यायाम करने से वसा ऊतक खाने की प्रतिक्रिया में व्यस्त हो जाते हैं। इस शोध के परिणाम बताते हैं कि खाली पेट व्यायाम करने से वसा ऊतकों में अधिक अनुकूल बदलाव होते हैं, जो लंबे समय तक स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद हो सकता है।