नई दिल्ली, चुनाव आयोग इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) से छेड़छाड़ के आरोपों को पूरी तरह से खारिज करने में जुट गया है। इसके लिए आयोग शनिवार को पहले ईवीएम और इससे जुड़ने वाली पर्ची की मशीन यानी वीवीपैट (वोटर वेरिफाइएबल पेपर ऑडिट ट्रेल) व्यवस्था को मीडिया के सामने पेश करेगा। आयोग इसी मौके पर ईवीएम चैलेंज की तारीख की घोषणा भी करेगा।

चुनाव आयोग ने ईवीएम को लेकर संदेह दूर करने के उपायों को आगे बढ़ाते हुए शनिवार को विज्ञान भवन में एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया है। यह मीडिया के लिए एक विशेष मौका है, जिसमें आयोग ईवीएम और वीवीपैट की पूरी व्यवस्था को समझाएगा। साथ ही मशीनों को प्रदर्शित भी किया जाएगा। आयोग के विशेषज्ञ भी मीडिया के सवालों का जवाब देंगे और उन्हें बताएंगे कि इस मशीन से कोई बाहरी छेड़छाड़ या हैकिंग क्यों मुमकिन नहीं है।

जल्दी ही आयोग राजनीतिक दलों के लिए "चैलेंज" कार्यक्रम आयोजित करने वाला है। पिछले हफ्ते राजनीतिक दलों के साथ हुई बैठक में आयोग ने कहा था कि वह इस चैलेंज के दौरान राजनीतिक दलों को यह साबित करने का मौका देगा कि पिछले दिनों हुए पांच राज्यों के चुनाव में ईवीएम के साथ कोई छेड़छाड़ हुई थी या फिर ऐसा किया जा सकता है। मध्य प्रदेश के भिंड में हुई घटना के बाद आयोग ने मीडिया के लिए विशेष तौर पर कार्यक्रम आयोजित करने का फैसला लिया है। भिंड को लेकर मीडिया के कुछ हिस्सों में ईवीएम में गड़बड़ी का संदेह जताया गया था। इसके बाद आयोग ने इसकी आधिकारिक जांच करवाई। जांच के दौरान मशीन में कोई गड़बड़ी नहीं पाई गई।

आयोग का मानना है कि मीडिया में भी इस व्यवस्था को लेकर जागरुकता बढ़ाने की जरूरत है। इसलिए शनिवार को कार्यक्रम आयोजित कर ईवीएम और पर्ची वाली मशीन के काम करने की पूरी प्रक्रिया का प्रदर्शन किया जाएगा।