नई दिल्ली: मुकेश अंबानी के छोटे भाई और रिलायंस कम्युनिकेशंस (RCom) के मालिक अनिल अंबानी एक बार फिर मुसीबत में फंस गए है। टेलीकॉम उपकरण निर्माता कंपनी एरिक्सन ने RCom से बकाया राशि न मिलने पर सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटकाया है। RCom के प्रमुख अनिल अंबानी के साथ हुए समझौते के अनुसार 30 सितंबर तक उन्हें एरिक्सन को 550 करोड़ रुपए देने थे। लेकिन ऐसा नहीं करने पर एरिक्सन ने सुप्रीम कोर्ट में अनिल अंबानी के खिलाफ अवमाना याचिका दाखिल की। गौरतलब है कि RCom ने अगस्त में करीब 2000 करोड़ रुपए में 248 मीडिया नोड्स अपने बड़े भाई मुकेश अंबानी की रिलांयस जियो इंफोकॉम (Relinace Jio Infocom) को बेची थी।

550 करोड़ में हुआ था सेटेलमेंट

एनसीएलएटी ने आरकॉम की ओर से एरिक्सन को 550 करोड़ रुपए का भुगतान करने पर सहमति जताने के बाद 30 मई को उसके खिलाफ दिवालिया प्रक्रिया को रोक दिया था। 550 करोड़ रुपए का भुगतान 30 सितंबर 2018 को अथवा इससे पहले किया जाना चाहिए।

45 हजार करोड़ के कर्ज में डूबी है आरकॉम

आरकॉम लगभग 45 हजार करोड़ रुपए के भारी बोझ से दबा है और लंबे समय से इसे चुकाने के प्रयासों में लगा हुआ है। जियो की मार्केट में इंट्री के बाद शुरू हुए कड़े कॉम्पिटीशन के सामने कंपनी नहीं टिक पाई और इसे 2017 के आखिरी तक अपना वायरलेस बिजनेस बेचने के लिए मजबूर होना पड़ा है। 

जियो को एसेट्स की बिक्री से 25,000 करोड़ मिलने की उम्‍मीद

बता दें कि मुश्किल वक्त में अनिल अंबानी को उनके भाई मुकेश अंबानी की कंपनी का साथ मिला है। दोनों के बीच हुई डील में अनिल स्पेक्ट्रम, टॉवर, फाइबर आदि बेचेंगे, जिससे उन्हें करीब 25 हजार करोड़ रुपए मिलने की उम्मीद है। हालांकि, अभी डील में कुछ दिक्कते हैं, जिनसे निपटा जा रहा है।