नई दिल्ली : इमरजेंसी की 43वीं बरसी पर प्रधानमंत्री ट्वीट किया है. देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी आपातकाल को देश का 'डार्क पीरियड' बताया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार (26 जून) सुबह ट्वीट में लिखा, 'राजनीतिक शक्ति के लिए आपातकाल में सिर्फ जनता को ही नहीं बल्कि उनके विचारों की आजादी को भी बंधक बनाया गया.' पीएम मोदी ने इससे पहले एक और ट्वीट किया और लिखा, 'मैं उन सभी पुरुषों और महिलाओं के जज्बे को सलाम करता हूं, जिन्होंने आपातकार का विरोध किया था. 43 साल पहले लागू किए गए आदेश को भारत काले दौर के तौर हमेशा याद रखेगा.'

केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली ने लिखा ब्लॉग
इससे एक दिन पहले सोमवार (25 जून) को केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली ने अपने फेसबुक पर एक पोस्ट लिखकर इंदिरा गांधी की तुलना हिटलर से ही. जेटली ने लिखा कि इंदिरा गांधी ने अनुच्छेद 352 का हवाला देकर आपातकाल लागू किया, लेकिन अनुच्छेद 359 के तहत आने वाले मौलिक अधिकारों को रद्द कर दिया और दावा किया कि विरक्ष ने अव्यवस्था पैदा करवाई. उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा, "इंदिरा ने ज्यादातर विपक्षी सांसदों को गिरफ्तार करवा लिया था और उनकी अनुपस्थिति में दो-तिहाई बहुमत साबित कर संविधान में कई सारे संशोधन करवाए."

अरुण जेटली के इस पोस्ट के लिंक को पीएम मोदी ने अपने ट्वीट पर शेयर करते हुए लिखा है कि जरूर पढ़ें.

इस पोस्ट में जेटली ने कांग्रेस के शासन पर भी सवाल उठाए हैं. उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा है, इंदिरा गांधी के शासनकाल में जनप्रतिनिधित्व कानून को पूर्वप्रभाव से संशोधित किया गया, ताकि इंदिरा के गैरकानूनी चुनाव को इस कानून के तहत सही कहा जा सके. जेटली ने अपने पोस्ट में लिखा कि इंदिरा द्वारा लगाए गए आपातकाल के दौरान संविधान में किए गए संशोधनों को जनता पार्टी की सरकार ने रद्द कर दिया था. उल्लेखनीय है कि 43 साल पहले देश की पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने आपातकाल की घोषणा की थी. इस घटना के 43 साल बाद बीजेपी ने इसे काला दिवस के रूप में मना रही है. इमरजेंसी के दौर में बीजेपी के कई नेताओं को जेल जाना पड़ा था.