दिल्ली:अमेरिकी राष्ट्रपति (American President) डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) के पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) जॉन बोल्टन (John Bolton) ने कोरोना वायरस (Coronavirus) को लेकर चीन (China) को जमकर लताड़ा है. उन्होंने इस बीमारी की रोकथाम को लेकर चीन के रोल पर सवाल उठाए हैं.  बता दें कि जॉन बोल्टन, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार रह चुके हैं. पिछले साल ट्रंप ने उन्हें बर्खास्त कर दिया था.

वे ट्रंप के कार्यकाल में NSA रहे तीसरे शख्स थे. उनके बाद ट्रंप ने रॉबर्ट ओ ब्रायन (Robert O'Brien) को अपना राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार नियुक्त किया.  ट्रंप के पूर्व सुरक्षा सलाहकार ने कोरोना से निपटने के तरीकों पर चीन को आड़े हाथों लिया चीन ने कोरोना वायरस व्हिसलब्लोअर्स (Whistleblowers) को शांत कर दिया, जागरुकता फैलाने वाले पत्रकारों को नौकरी से निकाल दिया, जुटाए गए सैंपल्स को नष्ट कर दिया, अमेरिकी स्वास्थ्य विभाग की मदद लेने से इंकार कर दिया और संक्रमण से हुई मौतों और कुल संक्रमण के आंकड़ों को छिपाया. यह एक तथ्य है कि इसे बड़े स्तर पर छिपाया गया. चीन जिम्मेदार है. दुनिया को उसे जिम्मेदार ठहराने के लिए जरूरी कदम उठाने चाहिए.

कहा जाता है कि बोल्टन (Bolton) ऐसे अमेरिकी NSA थे, जिन्हें सेना या राष्ट्रीय सुरक्षा का कोई अनुभव नहीं था. उनसे पहले भी जो NSA थे, उन्हें भी इसी बात का हवाला देते हुए हटाया गया था.

कौन हैं जॉन बोल्टन?
जॉन बोल्टन 20 नवंबर 1948 को अमेरिका (America) के मैरीलैंड के बाल्टीमोर में जन्मे थे. बोल्टन को 9 अप्रैल 2018 को अमेरिका का 27वां राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) बनाया गया था.

वे जॉर्ज डब्ल्यू बुश (George W Bush) के कार्यकाल में अगस्त 2005 से दिसंबर 2006 तक संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका (America) के राजदूत भी रह चुके थे. बोल्टन अमेरिकी अटॉर्नी, राजनीतिक टिप्पणीकार, रिपब्लिकन सलाहकार और पूर्व राजनयिक के तौर पर भी जाने जाते रहे हैं.