जयपुर:पूरी दुनिया कोरोना वायरस (Corona virus) से भयभीत और परेशान है, लेकिन हमारे देश के नेता तो इस कोविड पीरियड (Covid period) में भी राजनीति करने से बाज नहीं आ रहे हैं. ये  नेता भीड़ में जाने के लिए हमेशा तैयार रहते हैं. चाहे फिर खुद भी क्यों ने कोरोना वायरस से संक्रमित हों. कुछ ऐसा ही मामला राजस्थान (Rajasthan) में सामने आया है. यहां पर एक नेता ने कोरोना संक्रमित होने के बाद भी भीड़ में जाकर लोगों से मिलने-जुलने का काम किया है.

जानकारी के मुताबिक, कोरोना संक्रमित नेताजी का नाम ओम प्रकाश हुड़ला (Om Prakash Hudla) है. वे दौसा जिले में महवा विधानसभा सीट से निर्दलीय विधायक हैं. कहा जा रहा है कि ओम प्रकाश हुड़ला की कोरोना रिपोर्ट 15 अक्टूबर को पॉजिटिव आई थी. इनका पूरा परिवार भी कोरोना पॉजिटिव आया है. इसके बावजूद भी वे घर से बाहर घूम रहे हैं. साथ ही वे लोगों से मिलजुल भी रहे हैं. ऐसे में आम लोगों में भी कोरोना फैल सकता है.

मण्डावर में एक बोरिंग है, जिसका बिल पेंडिग है
दरअसल, मण्डावर में एक बोरिंग है, जिसका बिल पेंडिग है. इस बोरिंग का कनेक्शन काटने के लिए बिजलीकर्मियों के आने की सूचना थी. फिर क्या था कनेक्शन काटने से रोकने के लिए महवा के विधायक कोरोना संक्रमित होने के बाद भी खुद मौके पर पहुंच गए. खास बात यह है कि वे गले में कोरोना संक्रमित होने की तख्ती लटकाकर पहुंचे थे. विधायक ने इसी तख्ती में राज्यसभा सांसद किरोड़ीलाल मीना के लिए भी दलितों को परेशान करने की पंक्ति लिखवाई है. इन दो तस्वीरों में नेताजी की लापरवाही साफ दिख रही है. वे कोरोना पॉजिटिव होने के बावजूद भी लोगों के बीच पहुंच गए. ऐसे में विधायकजी कनेक्शन काटने से मना तो फोन पर भी कर सकते थे. लेकिन राजनीति में नेताजी कभी भी कोई मौका नहीं छोड़ते हैं.