लाहौर. पाकिस्तान के तेज गेंदबाज़ उमर गुल (Umar Gul) ने क्रिकेट से संन्यास ले लिया है. 36 साल के गुल ने पाकिस्तान (Pakistan) के लिए 47 टेस्ट, 130 वनडे और 60 टी-20 मैचों में शिरकत की. उन्होंने क्रिकेट से रिटायरमेंट का ऐलान नैशनल टी-20 टूर्नामेंट में बलूचिस्तान की हार के बाद किया. उनकी टीम शुक्रवार को इस टूर्नामेट से बाहर हो गई. पेशावर के रहने वाले उमर गुल ने साल 2003 में पाकिस्तान के लिए वनडे में डेब्यू किया था. अंतरराष्ट्रीय मंच पर गुल को लोगों ने साल 2002 के आईसीसी अडर 19 वर्ल्ड कप में पहली बार देखा था.

मैदान पर रोने लगे
करीब 20 साल तक क्रिकेट खेलने वाले गुल ने संन्यास का ऐलान करते हुए बेहद भावुक हो गए. परिवार वालों, दोस्तों और अपने कोच को शुक्रिया अदा करते हुए गुल रोने लगे. इस मौके पर उन्होंने कहा कि वो वो पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के शुक्रगुज़ार हैं कि उन्हें अपने मुल्क के लिए खेलने का मौका मिला.

2003 में मिला था मौका
साल 2003 वर्ल्ड कप में पाकिस्तान के खराब प्रदर्शन के बाद उमर गुल को पहली बार टीम में मौका मिला था. ये वो दौर था जब वसीम अकरम और वकार यूनुस जैसे दिग्गज गेंदबाज़ का जलवा धीरे-धीरे खत्म हो रहा था. क्रिकेट के सभी फॉर्मैट में गुल ने कुल मिला कर 987 विकेट लिए. उमर गुल यॉर्कर फेंकने में माहिर थे. बड़े से बड़े गेंदबाज़ उनकी यॉर्कर के आगे सरेंडर कर देते थे. गुल ने उन दिनों युवराज सिंह को खासा परेशान किया था. टेस्ट, वनडे और टी-20 के कुल 22 मैचों में इन दोनों का सामना हुआ और इस दौरान उन्होंने युवराज सिंह को 6 बार आउट किया.

कमाल के गेंदबाज़
साल 2007 के टी-20 वर्ल्ड कप में उमर गुल ने पाकिस्तान को फाइनल तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई थी. उन्होंने इस टूर्नामेंट में पाकिस्तान के लिए सबसे ज्यादा विकेट लिए थे. इसके अलावा गुल ने पाकिस्तान को  2009 में वर्ल्ड टी-20 का  चैंपियन बनया था. इस टूर्नामेंट में गुल ने अपनी टीम के लिए सबसे ज्यादा विकेट लिए थे. गुल लंबे समय तक आईसीसी टी-20 रैंकिंग में नंबर वन गेंदबाज़ रहे. साल 2007 के टी-20 वर्ल्ड कप में गुल ने न्यूजीलैंड के खिलाफ सिर्फ 6 रन देकर 5 विकेट लिए थे. लंबे समय तक ये बेस्ट बॉलिंग का रिकॉर्ड रहा था.